डेरिवेटिवस क्यों महत्वपूर्ण होते हैं?

डेरिवेटिवस ऐसे वित्तीय अनुबंध होते हैं जो आधारभूत संपत्तियों से अपना मूल्य प्राप्त करते हैं। डेरिवेटिवस  का मूल्य इसी आधारभूत संपत्ति के मूल्य पर निर्भर करता है और इस मामले ये सब जैसे, स्टॉक, कमोडिटीज़, सूचकांक, मुद्राएं, ब्याज दर या विनिमय दर आधारभूत संपत्ति हो सकती है।

वे अपनी आधारभूत संपत्ति के अवास्तविक भाव के कारण अपनी संपत्ति के अर्थशास्त्र की नकल करते हैं। डेरिवेटिवस के कुछ महत्वपूर्ण प्रकार फ़्यूचर, ऑप्शंज़, फ़ॉर्वर्ड्ज़ और स्वैपस हैं।

डेरिवेटिवस ट्रेडिग एक ऐसी ट्रेडिग क्रियाविधि है,  जिसमें ट्रेडर को उसकी आधारभूत संपत्ति का पहले भविष्य मूल्य क्या है समझाया जाता है और ये सब समझाने के बाद ट्रेडर को भविष्य की कोई तारीख या किसी निश्चित कीमत पर ट्रेडिग  करने के लिए एक लिखित समझौते पत्र में प्रवेश करवाया जाता है।

यह प्रक्रिया ऐसे निवेशकों के लिए बहुत प्रभावी तरीका है, जो बाजार पर अपने विचार व्यक्त करना चाहते है और कम लागत पर कैश सिक्युरिटीज़ में ट्रेड करते है।

अब, सबसे महत्वपूर्ण सवाल – डेरिवेटिवस महत्वपूर्ण क्यों होते हैं?

डेरिवेटिव केवल निवेशको के दृष्टिकोण से ही नही, बल्कि समस्त अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण कॉंट्रैक्ट होता हैं। क्यूँकि ये निवेशकों को न केवल अपने जोखिमों को संभालने में उनकी मदद करते हैं, बल्कि उनके पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करते हैं, और इतना ही नहीं ये महंगाई और अपस्फीति में होने वाले वैश्विक विविधीकरण के ख़िलाफ़ वित्तीय हानि से बचाव करने में मदद करता है।

इन सब कार्यों का देश की अर्थव्यवस्था और विश्व अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा असर पड़ता है  वैसे तो डेरिवेटिव्स के लिए विश्व बाजार बहुत बड़ा है और पिछले कुछ दशकों में उन्नत अर्थव्यवस्थाओं और उभरते बाजारों के कारण ये और भी बड़े पैमाने पर बढ़ गया है

ऐसे भी कुछ तरीके होते हैं, जिनमें डेरिवेटिवस उनकी वित्तीय आधारभूत संरचनाओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता हैं। जोकि निवेशकों और अर्थव्यवस्था की निम्नलिखित तरीकों से मदद करते हैं:

जोखिम प्रबंधन

डेरिवेटिव्स और जोखिम प्रबंधन के बीच संबंध सरल और साथ ही विस्तृत है। डेरिवेटिव्स के उपयोग से, बैंक, वित्तीय संस्थानों और सरकारों जैसे बड़े संगठन अपने पूरे जोखिम भरे कामों को छोटे छोटे कामों में तोड़ने में सक्षम हो जाते है और इन सब के आधार पर निवेशकों द्वारा इन सब से फिर से कारोबार किया जा सकता है।

असल में, आधारभूत संपत्ति से संबंधित पूरा जोखिम तोड़ कर उन लोगों में वितरित किया जाता है जो लोग जोखिम लेने की लिए तैयार होते है। डेरिवेटिव्स जोखिम के वांछित स्तर और रिस्क के वास्तविक स्तर की पहचान करने में मदद करते हैं, और फिर बचाव-व्यवस्था और अपने उपायों के माध्यम से उन्हें एक दूसरे के साथ जोड़कर भी करते हैं। जिसके बाद हेजर्स अपने जोखिम को सट्टेबाजों के पास स्थानांतरित कर देते हैं।

उदाहरण के लिए, जब एक निवेशक की उसकी किसी संपत्ति  में स्पॉट स्थिति के साथ साथ उसी संपत्ति में भविष्य की काउंटर स्थिति भी होती है, तो वह डेरिवेटिव्स का उपयोग करके अपनी स्पॉट स्थिति पर कुछ नुकसान को ऑफसेट कर सकता है। वो ऐसा इसलिए करता है क्यूँकि वास्तविक आधारभूत संपत्तियों में बचावव्यवस्था और उपायों के मुकाबले डेरिवेटिव्स का उपयोग अधिक आसानी और कुशलता से किया जा सकता हैं


मूल्य की खोज:

डेरिवेटिव्स किसी भी कमोडिटी की सही कीमत निर्धारित करने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं , फिर जिसे मूल्य की खोज भी कहा जाता है। डेरिवेटिव बाजार कई कारकों से प्रभावित होते हैं जैसे विश्व समाचार और अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, राजनीति इत्यादि जो किसी भी कमोडिटी की वर्तमान क़ीमत और फ़्यूचर क़ीमत को प्रभावित करते है.  

लोगों में इस पूरी जानकारी के कारण सभी कमोडिटी की क़ीमत बदलती रहती है जो कमोडिटी की क़ीमत तय करने में मदद करते है। और विशेष रूप से फ़्यूचरस और फ़ॉर्वर्डस हमें हमारी आधारभूत परिसंपत्ति की भविष्य की क़ीमतों के बारे में जानकारी प्रदान करते है जबकि आप्शनस हमें हमारी अंतर्निहित परिसंपत्ति की क़ीमतों से जुड़ी अस्थिरता और रिस्क्स के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।


बाज़ार की कार्यक्षमता:

डेरिवेटिव्स ट्रेडिग में बहुत सी मध्यस्थता शामिल होती है जो आधारभूत परिसंपत्तियों के मूल्यों में सुधार लाती है और जिसे आधारभूत परिसंपत्तियों के सही और आर्थिक मूल्य को प्रत्तिबंध करने में मदद मिलती है।

इससे हमें बाजारों में मूल्य को प्रभाविक रहने में मदद होती है और साथ ही बाजारों में संतुलन प्राप्त करने में मदद होती है।


परिचालन फायदे:

डेरिवेटिव्स बाजार में लेनदेन की लागत को कम रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डेरिवेटिव्स ट्रेडिग की लागत को कम रखा जाना चाहिए, जिससे बाजार की कुल लेनदेन लागत कम हो जाएगी। क्यूँकि डेरिवेटिवस भी बाजार में नक़दी लाने और छोटी बिक्री को प्रोत्साहित करने जैसे अन्य लाभ प्रदान करते है।

इसलिए, अब यह अच्छी तरह से प्रमाणित हो चुका है कि डेरिवेटिव बाजारों की वित्तीय संरचना की रीढ़ की हड्डी बनाते हैं। ये अपनी बचावव्यवस्था और उपायों  से निवेशकों की रिस्क मैनज्मेंट में मदद करने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और साथ ये किसी एक पूरे देश या पूरी दूनीया की सरकारी वित्तीय संरचना पर भारी प्रभाव डालते हैं

डेरिवेटिव बाजार को लाभ तो प्रदान करते ही हैं, लेकिन साथ ही, वे बाज़ार को अस्थिरता भी देते हैं जो बाजार के समस्त जोखिम के प्राकृतिक स्वभाव को जोड़ता है  इसलिए, व्यापारियों को डेरिवेटिव बाजार में प्रवेश करने और ट्रेड करने से पहले थोड़ी समझदारी  और सावधानी बरतनी चाहिए

यदि आप शेयर बाजार  ट्रेडिग के साथ शुरुआत करना चाहते हैं  तो बस नीचे दिए गए फॉर्म में अपना कुछ मौलिक विवरण भरें  जिसके तुरंत बाद आपके लिए कॉलबैक व्यवस्थित किया जाएगा:

स्टॉक ब्रोकर का सुझाव

 

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