इंट्राडे ट्रेडिंग करने के 10 मुख्य इंडिकेटर

किसी भी इंट्राडे ट्रेडर को दी जाने वाली सबसे अच्छी युक्ति है की वो हमेशा बाज़ार की दिशा का पालन करे। फिर चाहे वह एक एक नौसिखिया या स्थापित ट्रेडर हो, उनके लिए सबसे ज़रूरी और महत्वपूर्ण ये सिखना होता है की वो जिन प्रतिभूतियों में ट्रेड कर रहे है उनकी आने वाले समय में क्या क़ीमत होगी।

एक इंट्राडे ट्रेडर के लिए मार्केट कहाँ रही है ओर कहाँ जाने की उम्मीद है को समझना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन यह तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करके किया जा सकता है। तकनीकी विश्लेषण एक ऐसा ट्रेडिंग उपकरण है जिसका उपयोग प्रतिभूतियों की क़ीमतों की गति और मात्रा को देख के उसकी आगे की प्रवृत्ति की भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता है।

ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर इस पूर्वानुमान को बताने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर का उपयोग करते है।

ऑनलाइन इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर वे उपकरण हैं जिनका इस्तेमाल ट्रेडरस को अधिकतम रिटर्न देने के लिए ट्रेडिंग रणनीतियो के साथ जोड़ कर किया जाता है। कुछ ट्रेडरस बहुत से निर्देशो का प्रयोग करते है जबकि कुछ कोई भी निर्देश का इस्तेमाल नही करते। हालाँकि हम तो आपको यही सलाह देंगे की आप अपनी समझ से अपने लिए सबसे उचित और उपयुक्त इंट्राडे ट्रेडिंग निर्देशक का ही उपयोग करे, जो आपको सही कॉल लेने में मदद करेगा।

ट्रेडिंग इंडिकेटर मार्केट की प्रवृत्ति, मार्केट की गति, वॉल्यूम मूल्यांकन के माध्यम से प्रतिभूतियों की लोकप्रियता और उन प्रतिभूतियों में ट्रेडिंग करने के बाद होने वाले लाभ की संभावना के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान करते हैं।

ये इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर ट्रेडरस को मार्केट का एक स्पष्ट दृष्टिकोण देते हैं और उन्हें बेहतर जानकारी से लिए ये निर्णय लेने में मदद करते हैं कि किन प्रतिभूतियों में उन्हें ट्रेड करना चाहिए और कैसे करना चाहिए।

मार्केट में कई तरह के  इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर उपलब्ध हैं और सभी अपनी प्रवृत्ति के समय सीमा के संदर्भ में एक अलग उद्देश्य प्रदान करते है, जैसे वो अपनी प्रवृत्ति या गति का संकेत भी देते हैं। इसलिए, यह तय करना ट्रेडर के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय बन जाता है कि वह किस ट्रेडिंग इंडिकेटर का इस्तेमाल करना चाहता है।

हमेशा इंडिकेटर को समस्त ट्रेडिंग रणनीतियो को अच्छे से समने के बाद चुना जाना चाहिए जैसे वह कैसे काम करता है, वह किस तरह हिसाब करता है और वह हिसाब ट्रेडर के ट्रेडिंग करने के निर्णय को कैसे प्रभावित कर सकता है।

अब हम आपको सबसे अच्छे 10 इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर के बारे में बताते है जिनका ज़्यादातर उपयोग किया जाता है, इनका उपयोग आप अकेले भी कर सकते है और कई इंडिकेटर को आपस में जोड़ कर भी कर सकते है।

इनका उपयोग आप कैसे कर सकते है वो निम्नलिखित अनुसार है।

औसत के अनुसार चलना (मूविंग ऐव्रिजस)

यह सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटरो में से एक है। मूविंग एवरेज एक ऐसी सामान्य रेखा है जो किसी प्रतिभूति के समापन मूल्य को एक निश्चित अवधि के दौरान दर्शाती है, जैसे किसी प्रतिभूति की सही दिशा को समझने के लिए औसत 100 दिन लगते है। अवधि जितनी लम्बी चलती है, हमारा किसी भी प्रतिभूति की मूविंग ऐव्रिज का अनुमान अधिक सटीक और भरोसेमंद हो सकता है।

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यह ट्रेडरस को ट्रेडिंग में वर्तमान में आने वाले नए अवसरों को खोजने में मदद करता है और स्पष्ट स्थिति देने के लिए मार्केट की अस्थिरता को दूर करता है। यह मार्केट की पूरी जानकारी देता है जिसे जाना किसी भी इंट्राडे ट्रेडर के लिए बहुत महत्वपूर्ण और विशेष होता है, जैसे प्रचलन, प्रचलन में उलट पलट, स्टॉप लॉस और स्टॉप लॉस पॉइंट आदि।


मूविंग एवरेज कन्वर्जेन्स डाइवर्जेन्स (MACD)

MACD सबसे विश्वसनीय इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर में से एक है, ख़ासकर संवेगिक (मूमेंटम) ट्रेडर्ज़ के लिए। यह किसी भी प्रतिभूति की गति, प्रवति दिशा और अवधि के बारे में जानकारी देता है। जैसा की नाम ही समझाया गया है की MACD दो अभिसरण और विचलान मूविंग ऐव्रिजस पर काम करता है। किसी भी दो मूविंग ऐव्रिजस के बीच का अंतर जिसे आमतौर पर MACD स्प्रेड कहा जाता है।

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इसकी गणना 12 दिनों के EMA में से 26-दिन EMA (घातीय मूविंग ऐव्रिज) घटाकर की जाती है। और यह अंतर एक MACD रेखा को बनाने में मदद करता है। MACD स्प्रेड का सकारात्मक गुण उच्च प्रवति को दर्शाना होता है जबकी उसक़ा नकारात्मक गुण नीचे की प्रवति को दर्शाता  है, और इन दोनो का अंतर ही प्रवति की ताक़त को दर्शाता है। इसमें 9दिन EMA का इस्तेमाल करके भी आप एक इंडिकेटर रेखा (सिग्नल लाइन) बना सकते है।  

जब MACD रेखा आपकी इंडिकेटर रेखा से ऊपर चली जाती है तो आपके लिए प्रतिभूतिया ख़रीदने का संकेत उत्पन्न होता है, और जब MACD रेखा आपकी इंडिकेटर रेखा से नीचे चली जाती है तो प्रतिभूतिया बेचना का संकेत उत्पन्न होता है।


बॉलिंजर बैंडस

बॉलिंजर बैंड या बीबी सबसे उपयोगी ट्रेडिंग इंडिकेटरस (संकेतकों ) में से एक है। BB अधिक खरीदे गए और अधिक बेचे गए स्तरों को निर्धारित करने में मदद करता है। इसमें तीन बैंड होते हैं:

  1. मध्यम बैंड जो 20 दिन SMA पर होता है।
  2. ऊपरी बैंड जो +2 मानक विचलन पर होता है
  3. और निचला बैंड है जो -2 मानक विचलन पर होता है।

सामान्य रूप से प्रभुतियो की क़ीमत ऊपरी और निचले बैंड के अंतर्गत ही बढ़ती है।  जब मार्केट में अस्थिरता ज़्यादा होती है तो बैंड बढ़ जाता है और वही दूसरी और जब मार्केट में अस्थिरता कम होती है तो बैंडस बीच का अंतर भी कम हो जाता है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार बोलिंगर बैंड का इस्तेमाल करके हम लगभग 80% तक सफलता प्राप्त कर सकते है।

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इस रणनीति का इस्तेमाल जब किया जाता है जब प्रतिभूतियों की क़ीमत ऊपरी बैंड के क़रीब होती है, जिसे प्रतिभूतिया महँगी हो जाती है और इसके इस्तेमाल से हम उन्हें उसी औसत पर वापिस लाने की कोशिश करते है। जिसे प्रतिभूतियों को मध्यम बैंड के मूल्यों के लक्ष्य के साथ ऊपरी बैंड के मूल्य पर बेचा जा सकता है या फिर 20-दिन SMA पर।     

इसी तरह जब प्रतिभूतियों की क़ीमत निचले बैंड के नज़दीक हो तो प्रतिभूतिया सस्ती हो जाती है और फिर इसका इस्तेमाल करके उन्हें उसी औसत पर पहुँचने की  कोशिश की जाती है। जिसे प्रतिभूतियों को मधम बैंड के मूल्यों के लक्ष्य के साथ निचले बैंड के मूल्य पर ख़रीद जा सके।


रिटेलिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI):

RSI ट्रेडिंग का एक ऐसा इंडिकेटर है जो ख़रीद कम और बिक्री ज़्यादा की अवधारणा का पालन करता है। यह ट्रेडिंग का सबसे साधारण और उपयोगी इंडिकेटर है जो बताता है की कब प्रतिभूतिया अधिक ख़रीदी गयी या कब अधिक बेची गयी या फिर कब इनका उलटा हुआ। RSI अलग अलग समय के अनुसार तय किया जा सकता है और यह 0 से 100 तक के बीच तक का मूल्य हो सकता है। जिसमें शून्य अधिक बेचने का और सौ अधिक ख़रीदने का संकेत देता है। और इनके बीच का मूल्य अपेक्षित प्रवृत्ति को दरशता है।

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यदि RSI का मूल्य 30 से कम है तो शेयर दबने की उम्मीद है और यदि RSI का मूल्य 70 से अधिक है तो शेयर घटने की उम्मीद है।  RSI एक उत्कृष्ट गति इंडिकेटर है और यदि किसी प्रतिभूति का मूल्य 30 या 70 तक के स्तर पर पहुँच जाता है तो ट्रेडर को  सतर्क किया जाता है की वो वो अपने ट्रेड को एक समान दिशा में थोड़ा रोक के रखे।


एडवांस-डिक्लाइन रेखा:

एडवांस-डिक्लाइन रेखा ट्रेडिंग के विस्तृत रूप से दिखाने वाले इंडिकेटर में से एक है। यह मार्केट भाव के आधार पर विश्लेषण करता है और नेट एडवांस की गणना करता है, जो उन्नति वाले शेयरों की संख्या और गिरावट वाले शेयरों की संख्या के बीच का अंतर होता है।

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इसलिए नेट एडवांस हमेशा सकरात्मक होते है अगर उसमें उन्नति वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से अधिक हो तो और अगर ना हो तो इसका उलटा भी हो सकता है। एक AD रेखा बनायी जाती है और फिर मार्केट की तेज़ी और मंदी की भिन्नता को देखा जाता है

एक भिन्नता किसी भी शेयर की भागीदारी में परिवर्तन दिखा कर उसके उलटा होने की प्रवति की भविष्यवाणी कर सकता है।


ऐव्रिज डायरेक्शन इंडेक्स (ADX):

ADX भी इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर में से एक है जो न केवल प्रवृत्ति के बारे में जानकारी देता है, बल्कि प्रवृत्ति की ताकत के बारे में भी जानकारी देता है। यह इसका एक महत्वपूर्ण गुण है क्यूँकि एक बार प्रवृत्ति की ताकत ज्ञात हो जाने के बाद, एक मज़बूत ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग की दिशा सुनिश्चित करके अपनी ट्रेडिंग में होने वाले नुक़सान और जोखिमों को कम करके अपने लाभ कामने की क्षमता को बढ़एग।

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ADX प्लस दिशात्मक इंडिकेटर (+ DI) का उपयोग करता है और माइनस दिशात्मक इंडिकेटर (-DI), जो सरल ऐव्रिजस हैं, और इन ही दोनो के बीच का अंतर ऐव्रिज  डायरेक्शन इंडेक्स प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

ADX – 0 से 100 तक के बीच का मूल्य होता है और प्रवति की ताक़त को दर्शाता है।


स्टॉस्टस्टिक ओसीलेटर (Stochastic Oscillator):

स्टोकास्टिक ऑसीलेटर ट्रेडिंग के गतिशील इंडिकेटरों में से एक है। यह किसी प्रतिभूति  के समाप्ति मूल्य की तुलना एक निश्चित अवधि के दौरान आ उसके सभी मूल्य के  साथ करता है।

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स्टोकास्टिक ऑसीलेटर मूल्य या मात्रा का पालन नहीं करता है, इसके बजाए, यह गति का पालन करता है,जो एक उपयोगी इंडिकेटर के रूप में कार्य करता है क्योंकि मूल्य से पहले गति की दिशा बदलती है। यह एक सीमाबद्ध इंडिकेटर भी है, इसलिए इसका उपयोग अधिक खरीदे गए और अधिक बिकने वाली प्रतिभूतियों के बारे में जानकारी देने के लिए भी किया जाता है।


सुपरट्रेंड

सुपरट्रेंड ट्रेडिंग करने का एक उत्कृष्ट इंडिकेटर है जो मार्केट के रुझान के अनुसार  प्रतिभूतियों को ख़रीदने के लिए स्पष्ट संकेत देता है। यह मूविंग ऐव्रिजस की तरह क़ीमतों का पालन करता है और किसी भी क्रम की नियुक्ति वर्तमान प्रवृत्ति को दर्शाती है।

यह दो मापदण्ड के अनुसार बना है: अवधि और गुणक, और ऐव्रिज ट्रू रेंज (ATR) का उपयोग करता है, जो इसकी मूल्य की गणना और मूल्य की अस्थिरता के स्तर को दर्शाता है। इसीलिए अवधि ATR दिनो की संख्या होता है और गुणक वह मूल्य होता है जिसे ATR को गुणा किया जाता है।

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इसमें प्रतिभूतियों को ख़रीदने का संकेत तब उत्पन होता है जब सुपरट्रेंड समाप्ति मूल्य की सीमा के ऊपर बंद होता है, और उसी  प्रकार यदि सुपरट्रेंड समाप्ति मूल्य की सीमा से नीचे बंद होता है तो प्रतिभूतियों को बेचने का संकेत उत्पन होता है।

कमोडिटी चैनल इंडेक्स:

CCI कमोडिटी मार्केट में उपयोग होने वाला सबसे उपयोगी इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटरो में से एक है, हालांकि, इसका इस्तेमाल शेयर मार्केट में भी किया जा सकता है। यह नए रुझानों की पहचान करने में मदद करता है और साथ ही अंतिम स्थितियों के बारे में चेतावनी भी देता है।

यह वास्तव में प्रतिभूतियों के मूल्य परिवर्तन और उसके ऐव्रिज मूल्य परिवर्तन के बीच के अंतर को मापता है और इसमें 0, +100 और -100 के मूल्य होते हैं। यदि CCI का मूल्य सकारात्मक होता है, तो वह शेयरों के अपट्रेंड की ओर संकेत करता है, और इसी प्रकार जब CCI का मूल्य नकारात्मक होता है तो वह शेयरों के डाउनट्रेंड की ओर संकेत करता है।

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CCI को आमतौर पर अधिक खरीदे जानी वाली प्रतिभूतियों और अधिक बिकने वाली प्रतिभूतियों की स्थितियों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए RSI के संयोजन के साथ प्रयोग किया जाता है। CCI की गणना विभिन्न समय और अवधि के अनुसार की जा सकती है क्यूँकि CCI बहुत अस्थिर होता है।


ऑन-बैलेंस वॉल्यूम:

OBV भी इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर में से एक है। यह प्रतिभूतियों के मूल्य में होने वाले परिवर्तन की भविष्यवाणी करने के लिए मूल्य के प्रवाह का इस्तेमाल करता है। OBV ऊपर के दिनो में मूल्यों को जोड़ता है जबकि नीचे के दिनो में ये मूल्यों को घटता है जि से हम ख़रीदने और बेचने के दबाव को माप सकते है।

यदि प्रतिभूतियों का समाप्ति मूल्य पूर्व बंद मूल्य से ऊपर है तो वर्तमान OBV पिछले OBV और उसकी वर्तमान मात्रा का योग है, और यदि प्रतिभूतियों का समाप्ति मूल्य पूर्व बंद मूल्य से नीचे है तो वर्तमान OBV पिछले OBV और उसकी वर्तमान मात्रा के बीच का अंतर है, और यदि समाप्ति मूल्य पूर्व बंद मूल्य के समान ही है तो वर्तमान OBV पिछले OBV जैसा ही है।

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इसी प्रकार मार्केट में विभिन्न तकनीकी इंट्राडे ट्रेडिंग इंडिकेटर उपलब्ध हैं लेकिन ट्रेडर उनमें से प्रत्येक से क्या प्राप्त करते हैं और उनका संयोजन किस ट्रेडिंग रणनीति  साथ करते है ये उनके फैसले पर निर्भर करता है।

हालाँकि ट्रेडिंग में एक समय में केवल एक या दो तकनीकी इंडिकेटर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है क्योंकि अधिक जानकारी निर्णय को अधिक जटिल और गलत बना सकती है।

यदि आप ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू करना चाहते हैं, तो नीचे अपना कुछ मौलिक विवरण साझा करने के लिए अपने आप को स्वतंत्र महसूस करें। जिसके तुरंत बाद हम आपके लिए कॉलबैक की व्यवस्था करेंगे:

स्टॉक ब्रोकर का सुझाव

 

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