स्टॉक मार्केट रेगुलेटर कौन हैं?

विनियमन और स्टॉक मार्केट रेगुलेटर  की बात करने से पहले , चलो  हम शेयर बाजार के बारे में ही बात करते हैं। शुरुआती  ट्रेडर या निवेशकों को विस्तृत विचार देने के लिए, मान लें कि आप एक  स्टोर में गए और कुछ किराने की खरीदारी करना चाहते हैं।  ऐसा करने से पहले, आप इस पर विचार करते हैं:

  • आप क्या खरीदना चाहते हैं?
  • आपका कुल बजट क्या है?
  • विशिष्ट आइटम के  भुगतान  के लिए आपके हिसाब से सबसे अच्छी कीमत क्या है?
  • आपको इस आइटम की आवश्यकता कब होगी?

कुछ और सवाल भी हो सकते हैं  जो आपके मन  में चल रहे होंगे और ये प्रत्येक व्यक्ति में  भिन्न हो सकते हैं।   कम या ज्यादा, इस तरह के कुछ प्रश्न उपयोगकर्ता के  दिमाग में आते हैं ।  शेयर बाजार ऊपर दिए गए उल्लेख से यह अलग नहीं है.

इसे, आप  एक ट्रेडर  या निवेशक के रूप में विश्लेषण  करें  :

  • कौन से  शेयर या सूचीबद्ध कंपनी में  आप रुचि रख सकते हैं ?
  • इन शेयरों की  विशिष्ट कीमत क्या हैं जो आप  अपने लिए उपयुक्त समझते हैं ?
  • वह मात्रा क्या है जिसे आप  खरीदना चाहते हैं?
  • इस खरीद में  आपका  इरादा क्या है – दीर्घकालिक निवेश या त्वरित लाभ?

हालांकि, इस परिदृश्य में, आपको किसी भी  स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं है।  ट्रेडिंग अकाउंट का उपयोग करके सभी लेन-देन एक्सचेंज के माध्यम से ऑनलाइन कर सकते हैं। यह ट्रेडिंग अकाउंट खाता एक स्टॉक ब्रोकर द्वारा चलाया जाता है जिसे आपको   शेयर बाजार में प्रवेश करने से पहले  चुनना है ।

अब , शेयर बाजार में, शेयर बाजार के प्रतिभागी होते  है। यह प्रतिभागी कई तरह  के होते हैं इनमें शामिल हैं:

  • रिटेल ट्रेडर  और निवेशक
  • एनआरआई (भारतीय मूल के लोग, जिन्हें एनआरआई / एनआरई खाते खोलने की आवश्यकता है)
  • घरेलू संस्थान (उदाहरण के लिए एलआईसी – लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया)
  • एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) जो शेयर बाजार में उनके म्यूच्यूअल फंड  के माध्यम से निवेश करते हैं (उदाहरण – ब्लैकरोक, फिडेलिटी निवेश आदि)
  • विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई)

सेबी (SEBI)

हम, फिर से,भारतीय नियामक (रेगुलेटर)   पर वापस आते हैं जो सेबी है,  (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ।  सेबी अपनी जिम्मेदारियों  को मजबूती से निभाते हुए यह सुनिश्चित करता है कि शेयर बाजार में  कुछ भी अप्रत्याशित  नहीं हो । हालांकि, उनकी प्रमुख भूमिका उद्योग के बड़े निवेशकों से छोटे निवेशकों  की रक्षा करना है। दूसरे शब्दों में, यह सुनिश्चित करना  होता है कि बड़ी कंपनियां और बड़े उद्योग घराने अपने मुनाफे के लिए कोई खेल ना खेले  जिससे छोटी कंपनियों या खुदरा ट्रेडर्स / निवेशकों के लिए संभावित लाभदायक अवसर ख़त्म ना हो जाए ।

सेबी के कुछ अन्य मुख्य  कर्तव्यों में शामिल हैं:

  • शेयर बाजार में शेयरधारकों, शेयर बाजार सहभागियों (खुदरा व्यापारी, निवेशक, संस्थागत निवेशक), बैंक, डिपोजिटरी प्रतिभागियों सहित विभिन्न हितधारकों के लिए नियम और विनियमों को स्थापित करना।
  • शेयर ब्रोकर और वित्तीय   घरानों को लाइसेंस देना और उनकी   पृष्ठभूमि की जांच करना
  • शेयर ब्रोकर और घरानों का नियमित रूप से  लेखा-परीक्षण  करना और यह सुनिश्चित करना  कि तथ्यों और नंबरों की रिपोर्ट , वास्तव में सही हैं,
  • सिस्टम में अनियमितताओं का प्रदर्शन करने वाले दोषियों को फिक्सिंग के लिए दंड देना जो अनुचित तरीके से खेलते हैं और पूरे  स्टॉक मार्केट सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं

यह सभी अनियमितताओं को  रोकता  है ,चाहे एक विशिष्ट इकाई अवैध रूप से इसमें शामिल हो ,तो भी यह  ना केवल अन्य प्रतिभागियों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि पूरे शेयर बाजार की  प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है।

खैर, सेबी केवल यही जिम्मेदारियां नहीं निभाता है ,बल्कि इससे ज्यादा काम करता है और सुनिश्चित करता है कि सभी ट्रेडर्स  और निवेशकों को शेयर बाजार में एक स्तर मिले।

यदि आप स्टॉक ब्रोकर  चयन में कुछ सहायता  चाहते हैं, तो आप नीचे अपनी आवश्यकताओं को प्रदान कर सकते हैं और हम आपके लिए एक कॉलबैक  की व्यवस्था करेंगे!

आशा है कि यह आपको उपयोगी लगा होगा।

अगर आप खाता खुलवाना चाहते हैं तो यहां आपका विवरण दर्ज करें और हम एक मुफ़्त कॉल बैक की व्यवस्था करेंगे।

स्टॉक ब्रोकर से कॉल

 

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स्टॉक मार्केट रेगुलेटर
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