Double Bottom Chart Pattern in Hindi

मार्केट में चाहे आप नए है या पुराने, एक पैटर्न के बारे में ज़रूर सुना होगा, डबल बॉटम चार्ट पैटर्न जो बिलकुल इंग्लिश के W जैसा बनता है। ये बहुत ही स्ट्रोंग पैटर्न होता है जो की मार्केट में शेयर की दिशा ही बदल देता है। आज के इस ब्लॉग में double bottom chart pattern in hindi विस्तार में जानते है।

ये पैटर्न डाउनट्रेंड (मंदी) की मार्केट में बिलकुल बॉटम पर बनता है। और वहां से मार्केट ऊपर उठाना शुरू होती है। ये पैटर्न बहुत कम बनता है, क्योंकि ये ट्रेंड रिवर्सल पैटर्न है और इसके बाद मार्केट में बड़ा मोमेंटम आता है, तो बार बार इस पैटर्न का निर्माण होना मुश्किल है, लेकिन जब ये पैटर्न बने तो उसमे ट्रेड पोजीशन कैसे ले, उसको विस्तार से जानते है।

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न क्या है?

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न एक ट्रेंड रिवर्सल पैटर्न है जो दिखने में बिलकुल W जैसा दिखाई देता है, ट्रेडर्स मार्केट में ट्रेंड के रिवर्सल का पता लगाने के लिए इसका खूब इस्तेमाल करते है।

double bottom chart pattern representation

ऊपर दर्शाए चार्ट पैटर्न में आप देख सकते है की पैटर्न में दो बार Low बना है। यानी की बॉटम बना है, इसलिए इसे डबल बॉटम कहते है।

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न कब बनता है?

मार्केट जब अपने Low पर होती है और किसी सपोर्ट लेवल पर पहुँच जाती है, या सेलर्स (बिकवाल) जो मार्केट में लम्बे समय से बैठे है उन्हें काफी मुनाफा हो जाता है और इन्हें लागता है की अब मार्केट आगे और नहीं गिरेगी तो वो अपने सोदे बेचकर अपनी पोजीशन से निकलना चाहते है, तब मार्केट में ये पैटर्न बनता है।

एक तो सपोर्ट लेवल का प्रेसर जिससे ट्रेडर्स में मार्केट के ऊपर उठने का डर भी रहता है और दूसरा मार्केट अपने डाउनट्रेंड (मंदी) में काफी दूर आ गई होती है और बड़े ट्रेडर्स के अपने मुनाफे को बुक करने का डर तो होता ही है, इस कारण मार्केट में तेजी आने की स्तिथि बन जाती है और मार्केट में डबल बॉटम बन जाता है।

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न के बनने के नियम।

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न को चार्ट में ढूँढना या स्पॉट कर पाना काफी मुस्किल होता है क्योंकि ये पैटर्न काफी यूनिक पैटर्न है।
इसे कुछ इस प्रकार स्पॉट किया जा सकता है.

⦁ ये पैटर्न डाउनट्रेंड (मंदी) में ही बनता है।
⦁ जब भी ये पैटर्न बनता है तो इस पैटर्न में दो Low एक साथ बनते है।
⦁ अपने दो Low बनाने के बाद ये पैटर्न अपट्रेंड (तेजी) का मोमेंटम देता है।
⦁ इसके दोनों Low एक दुसरे से ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं होते, ज्यादातर ये समान लेवल के ही होते है।
⦁ डबल बॉटम में एक रेजिस्टेंस होता है। जिसे नेकलाइन भी कहते है।
⦁ अपट्रेंड मोमेंटम (तेजी) आने से पहले इसके रेजिस्टेंस लेवल को ब्रेक करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है, नहीं तो डबल बॉटम को अधुरा माना जाता है।

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न को ट्रेड कैसे किया जाता है?

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न कैसे बनता है ये तो जान लिया। डबल बॉटम चार्ट पैटर्न को ट्रेड कैसे करते है आइये जानते है।double bottom chart pattern trading

जैसे की आपको पता है की डबल बॉटम चार्ट पैटर्न मंदी में ही बनता है और मार्केट के अपट्रेंड (तेजी) की और जाने का इशारा करता है। ऊपर दिए गए BHEL के डेली चार्ट में एक स्ट्रोंग डाउनट्रेंड (मंदी) दिखाई दे रही है, उसके बाद लगभग बराबर के दो Low बन रहे है। और उसके बाद मार्केट सीधा ऊपर अपट्रेंड की तरफ बढ़ रही है और अपनी नेकलाइन यानी की रेजिस्टेंस को तोड़ देती है। और उसके बाद मार्केट में एक बड़ी तेजी की मूव दिखाई दे रही है।

Entry: ट्रेडर्स के लिए सोदा बनाने से पहले अपने पैटर्न की सही से पुष्टि कर लेना काफी जरूरी होता है। पुष्टि के लिए जब पैटर्न सही से बन जाता है और मार्केट अपने रेजिस्टेंस को तोड़कर ऊपर आकर बंद होती है तो जहाँ वो बंद होती है वहां पर एंट्री लेना सबसे सुरक्षित माना जाता है।

Stop Loss Order: एक ट्रेडर के लिए स्टॉप लोस ऑर्डर (Stop Loss Meaning in Hindi) लगाना सबसे जरूरी बात होती है, क्योंकि इससे रिस्क को सिमित (लिमिट) किया जा सकता है। बिना स्टॉप लोस ऑर्डर के रिस्क सिमित नहीं किया जा सकता।
एक अच्छा ट्रेडर हमेशां सिस्टम में अपना स्टॉप लोस जरूर लगाता है।

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न में जब मार्केट अपने रेजिस्टेंस को ब्रेक करके ऊपर आती है तब एक बेस या Low बनाती है। उस बेस या Low के ऊपर स्टॉप लोस ऑर्डर रखना सुरक्षित रहता है।

स्टॉप लोस को हमेशां वहीं लगाना चाहिए जहाँ से वोलैटिलिटी की वजह से हिट होने का चांस बिलकुल कम हो। इससे बार बार स्टॉप लोस ऑर्डर के हिट होकर बड़ा नुकशान नहीं बनता।

डबल टॉप चार्ट पैटर्न और डबल बॉटम चार्ट पैटर्न में समानता और असमानता।

डबल टॉप और डबल बॉटम चार्ट पैटर्न देखने में एक दुसरे के उलटे लगते है, जैसे की डबल बॉटम चार्ट पैटर्न W जैसा दिखाई देता है और डबल टॉप M जैसा दिखाई देता है।

double top vs double bottom pattern representation

डबल बॉटम चार्ट पैटर्न मंदी में बनता है और तेजी की और मार्केट को रिवर्स करने का काम करता है। वहीं डबल टॉप पैटर्न तेजी में बनता है और मार्केट को मंदी की और रिवर्स करने का काम करता है।

जब भी मार्केट में डबल बॉटम चार्ट पैटर्न बने तो आपको उसके टाइमफ्रेम का ध्यान जरूर रखना चाहिए। जैसे की अगर डेली की कैंडल (टाइमफ्रेम) में डबल बॉटम बन रहा है तो कम से कम 1 से 1.5 महीनों का समय उसमे लगा हो।

अगर कैंडल 1 घंटे की बन रही है तो लगभग 30 से 45 कैंडल्स बनी होनी चाहिये। और अगर आप 15 मिनट पर कर रहे है तो भी कम से कम 30 कैंडल होना जरूरी होता है।

निष्कर्ष

एक ट्रेडर के लिए पैटर्न बहुत जरूरी होते है, इन्हीं के जरिये ट्रेडर बाज़ार के व्यवहार को समझते है और भविष्य के लिए अपने सोदे लेने का निर्णय लेते है।

कैंडलस्टिक पैटर्न और चार्ट पैटर्न दोनों एक जैसे ही होते है, बस फर्क इतना है की कैंडलस्टिक पैटर्न 2-4 कैंडलस्टिक में सिमटकर रह जाते है और चार्ट पैटर्न को बनने में बहुत समय लागता है।

टेक्निकल एनालिसिस में डबल बॉटम चार्ट पैटर्न बहुत मायने रखता है, क्योंकि बड़े इन्वेस्टर और ट्रेडर मार्केट में खरीददारी की तरफ ज्यादा ध्यान देते है और डबल बॉटम उन्हें खरीदकर मुनाफा कमाने का मौका देता है।

ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए ये जरूरी होता है की लम्बे वक़्त तक अगर मार्केट से मुनाफा कमाना है तो आपको टेक्निकल एनालिसिस का अच्छे से ज्ञान होना चाहिए, क्योंकि डबल बोटम ही एक अकेला पैटर्न नहीं है जो मुनाफा कमाने में मदद करता है, और भी बहुत सारे पैटर्न है जो अलग अलग परिस्थितियों में अलग अलग तरीकों से मुनाफा बनाने में मदद कर सकते है।

टेक्निकल एनालिसिस को सीखने के लिए आप नीचे दिए गए फॉर्म में अपना जरूरी विवरण भरिये, हमारी टीम आपसे संपर्क करके आपको इसमें मदद करेगी।

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