DP Charges in Groww in Hindi

डीपी शुल्क के अन्य लेख

अगर आप भी Groww के साथ डीमैट अकाउंट खोलकर ट्रेड करना चाहते हैं तो आपको इस ब्रोकर के द्वारा लिए जाने वाले सभी शुल्क जैसे डीमैट अकाउंट, AMC शुल्क और ब्रोकरेज सम्बन्धी सभी जानकारी होना जरुरी है। आज हम अपने इस लेख में DP charges in Groww के बारे में सभी जानकारी देने वाले हैं। 

यह सभी शुल्क एक ट्रेडर के द्वार उस समय भुगतान किए जाते है जब वह इस ब्रोकर के साथ जुड़कर निरंतर तौर पर ट्रेड करता है। 

ये शुल्क किसी भी ट्रेडर के द्वारा तब अदा किया जाता है जब वह अपना अकाउंट Groww के साथ खुलवा चूका हो उसके बाद ही उसके द्वार ये शुल्क अदा किया जाता है। 

लेकिन हमे पहले इस शुल्क से सम्बंधित सभी प्रकार की जानकारी ले लेनी चाहिए। 

तो चलिए शुरू करते हैं। 


Groww डीपी शुल्क 

अपने अक्सर निवेशकों को इस बात की शिकायत करते हुए सुना होगा की उनके ट्रेडिंग अकाउंट से हिडन शुल्क के रूप में कुछ न कुछ हर बार काटा जाता है। और उन्हें भी इस बात की जानकारी तब मिलती है जब वह लाभ कामने के बाद उसकी गणना करते है और उसमे लाभ की राशि उन्हें कम प्राप्त होती है। 

असल में वह गायब हुई राशि डीपी शुल्क के रूप में काट ली जाती है और इसी वजह से लाभ की राशि भी कम प्राप्त होती है। 

असल में डीपी शुल्क को कोई ब्रोकर नही बल्कि डिपॉजिटरी वसूल करती है जोकी एक ट्रेडर को डिलीवरी ट्रेड के दौरान अपने डीमैट खाते से हुए शेयर्स की हर निकासी (Sale) पर देने होते है। ये शुल्क प्रति स्क्रिप लगाए जाते हैं। 

ट्रेडर या निवेशक को इन शुल्कों के बारे में जानकारी इसलिए नहीं होती है क्योंकि इसके बारे में कहीं भी कॉन्ट्रैक्ट नोट में खुल कर बात नहीं की गयी है यही कारण है की इन्हे हिडन शुल्क की श्रेणी में रखा गया है।

ये शुल्क या तो एनएसडीएल (NSDL) या फिर सीएसडीएल (CDSL) द्वार वसूल किये जाते हैं और इसका भुगतान किसी व्यक्ति विशेष को न जाकर सीधे भारत सरकार को किया जाता है। 

डीपी शुल्क क्या है और किसके द्वारा लगाए जाता है इस चीज की जानकारी लेने के बाद हमे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि Groww डीपी शुल्क के  रूप में कितने रुपए वसूल करता है?

Groww डीपी शुल्क के रूप में अपने ग्राहकों से 13.5+GST प्रति स्क्रिप प्रति दिन के रूप में के लेता है। आइए इस चीज को हम एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं:


मिस्टर पंकज Groww के साथ रोजाना ट्रेड करते हैं। तो चलिए मान लेते हैं कि पंकज ने आज टाटा पावर के 100 शेयर ख़रीदे। 

यहाँ पर हम दो अलग अलग स्थितियों की बात करेंगे पहली तो यह पंकज चाहें तो 2 महींने बाद लाभ कमाने के बाद सभी शेयर को बेच कर इस ट्रेड से बाहर आ सकता है। 

इस दशा में उसे केवल एक बार ही ₹13.5+GST जोकि ₹15.93 होता का भुगतान करना होगा। 

अब इसी में हम दूसरी स्थिति की बात करते हैं जिसमें पंकज एक साथ सभी शेयर को न बेच कर अलग अलग समय पर कुछ शेयर को बेचता है जैसे कि  25 शेयर (पहले हफ्ते के बाद), 50 शेयर (अगले महीने) इसके बाद 10 शेयर (दोबारा 3 महींने के बाद) और अंत में बचे हुए 15 शेयर को साल के बाद बेचता है। 

इस दशा में उसे हर बार डीपी शुल्क अदा करना होगा फिर चाहें उसे 1 ही शेयर क्यों न सेल करना होगा उसे हर बार डीपी शुल्क देना होगा आइये जानते है कैसे:

25 शेयर पहले हफ्ते में बेचने पर डीपी शुल्क होगा = ₹13.5+GST
50 शेयर अगले महीने बेचने पर लगने वाला डीपी शुल्क = ₹13.5+GST
10 शेयर अगले 3 महीने पर बेचने के बाद डीपी शुल्क = ₹13.5+GST
और अंत में बचे हुए 15 शेयर के बेचने पर डीपी शुल्क = ₹13.5+GST

इस दशा में पंकज को हर बार डीपी शुल्क अदा करना होगा जो ₹63.72 ( जीएसटी समेत) होगा। 

अब एक और स्थिति  की बात करते है जिसको लेकर नए ट्रेडर अक्सर दुविधा में रहते हैं। की अगर पंकज इन 100 शेयर को 50 सुबह और फिर उसी दिन 50 शेयर शाम को या दिन में बेचता है तो क्या उसे डीपी शुल्क के रूप में 2 बार शुल्क अदा करना होगा? जी बिल्कुल नहीं। 

क्योंकि डीपी शुल्क प्रति स्क्रिप पर एक दिन में एक ही बार लागु होता है। 

फिर चाहे आप उस स्क्रिप से शेयर्स को दिन में एक बार सेल करें या एक से अधिक बार आपको बस एक बार ही डीपी शुल्क अदा करना होगा। क्योंकि डीपी शुल्क एक दिन में एक स्क्रिप पर केवल एक बार ही लागू होता है।


इंट्राडे में Groww डीपी शुल्क

डिलीवरी ट्रेड में डीपी शुल्क जानने के बाद आइए अब जानते हैं कि Groww इंट्राडे में कितना डीपी शुल्क वसूल करता है?

अगर आप Groww के साथ पहले से जुड़े हुए हैं और इंट्राडे ट्रेडिंग करते है तो शायद आपको इंट्राडे ट्रेडिंग में शुल्क के बारे में पता होगा। 

लेकिन हम नए ट्रेडर या उन लोगो को यह जानकारी देना चाहते हैं कि जोकि groww के साथ जुड़कर इंट्राडे में ट्रेडिंग करना चाहते हैं। कि उन्हें इंट्राडे में ट्रेड करने पर किसी भी प्रकार का शुल्क अदा नही करना होता है। 

हैरान मत होइए इसके पीछे का कारण यह है कि डिलीवरी ट्रेड में शेयर डीमैट खाते से निकासी होने के बाद पैसो के लेनदेन को लेकर T+2 दिन का समय लेते है और इस प्रकिया को पूरा करने के लिए यह शुल्क एक ट्रेडर को डिपॉजिटरी को देना होता है लेकिन इंट्राडे में शेयर डीमैट खाते तक नहीं आते है और इसमें डीमैट खाते का कोई रोल नहीं है इसलिए इंट्राडे पर यह शुल्क लागु नहीं होते। 


निष्कर्ष

इस लेख में उदाहरण सहित Groww डीपी शुल्क के बारे में बात की गयी है। 

डीपी शुल्क के बारे में अक्सर कॉन्ट्रैक्ट नोट में किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी होती है इसीलिए एक ट्रेडर को भी इसके बारे में जानकारी नहीं होती है। 

डीपी शुल्क के बारे में सही जानकारी होने से ट्रेडर को ट्रेड के बाद लाभ और हानि की गणना करने में आसानी होती है।


Groww के डीपी शुल्क जानने के बाद अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए। 

अभी डीमैट अकाउंट खुलवाने के नीचे दिए फॉर्म को भरें। 

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