क्या डेरिवेटिवस का मतलब संपत्ति वर्ग होता है?

संपत्ति वर्ग किसी की भी सभी प्रतिभूतियों का एक ऐसा समूह होता है जो उनकी समान विशेषताओं को दिखाता है, और बाजार में भी इसी तरह व्यवहार करता है तथा अपने इसी समान नियमों और विनियमों द्वारा शासित भी होता है। प्रत्येक संपत्ति वर्ग का अपना जोखिम और रिटर्न प्रोफ़ाइल तथा नकद प्रवाह होता है जो विभिन्न वातावरणों में विभिन्न तरीकों से प्रदर्शन करता है।

इन मतभेदों के कारण, निवेशकों द्वारा विविधता के उद्देश्य के लिए परिसंपत्ति वर्गों का उपयोग किया जा सकता है। निवेशक विभिन्न संपत्ति वर्गों में निवेश करके अपने पोर्टफोलियो से रिस्क को विविधता दे सकते हैं और उच्च रिटर्न प्राप्त करने की अपनी संभावना को बढ़ा सकते हैं।

संपत्ति वर्गों के कई अलग-अलग प्रकार होते हैं।

उनमें से कुछ इक्विटी या स्टॉक, निश्चित आय प्रतिभूतियां या बॉंडस, नकद या व्यापार योग्य प्रतिभूतियां, कमोडिटीज़ और डेरिवेटिव हैं। इसके साथ कुछ अन्य वैकल्पिक संपत्ति वर्ग भी है जैसे आर्टवर्क और रीयल एस्टेट, लेकिन वैकल्पिक होने के कारण वे कम नक़दी हैं।  

निवेशकों के लिए इन विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों को बनाने का उद्देश्य यह था की निवेशक ये आसानी से जान सके और संगठित कर सके कि किस वर्ग में कितना रिस्क और कितना रिटर्न है जिसके तदनुसार उसका पोर्टफोलियो बनाया जाए।

जब एक निवेशक एक निवेश पोर्टफोलियो बनाने का फैसला करता है, तो वह वास्तव में यह निर्णय लेता है कि उसकी पूंजी का अनुपात किस प्रकार और किन कारकों पर किया जाएगा, क्यूँकि इसमें संपत्ति वर्ग, अल्पकालिक उद्देश्यों, नक़दी आवश्यकताए, पूंजी उपलब्धता, जोखिम प्रवृत्ति, आयु और अन्य व्यक्तिगत आधार शामिल होते है।

एक संपत्ति वर्ग की परिभाषा के अनुसार, डेरिवेटिवस भी एक संपत्ति वर्ग हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि पूरे डेरिवेटिव बाजार में सभी डेरिवेटिवस अपनी अनूठी विशेषताओं, नियमों और विनियमों के तरीके से ही व्यवहार करते हैं। डेरिवेटिव रिस्क्स और रिटर्न प्रदान करते हैं जो उनके लिए अद्वितीय हैं। डेरिवेटिवस आधारभूत संपत्तियों से अपना मूल्य प्राप्त करते हैं, इसलिए इसे कभी-कभी गलत भी समझा जा सकता है कि स्टॉक, मुद्रा, ब्याज दर जैसी अंतर्निहित संपत्तियां भी तो एक संपत्ति वर्ग हैं, लेकिन वो डेरिवेटिव नहीं हैं।

लेकिन, एक वास्तविक अर्थ में, डेरिवेटिवस आधारभूत संपत्तियों के साथ जैसे  सामान्य रूप से व्यवहार करते है स्टॉक्स उस रूप में नहीं करते इसलिए स्टॉक व्यवहार डेरिवेटिवस से अलग है।

डेरिवेटिवस अपनी अलग-अलग विशेषताओ के कारण एक अलग संपत्ति वर्ग बनाते हैं क्यूँकि जोखिम प्रबंधन और रिटर्न डेरिवेटिव्स प्रदान करना एक आधारभूत संपत्ति के रिस्क्स और रिटर्न से अलग है। जैसे उदाहरण के लिए, कोई निवेशक किसी कंपनी के शेयरों में  निवेश करने के लिए कैसे प्रभावित होता है और किससे प्रभावित होता है, इस बात से भिन्न होता है कि वह उस कंपनी के फ़्यूचर से कैसे निपटता है।

हालांकि, स्टॉक की स्पॉट कीमत और भविष्य की कीमत एक-दूसरे से संबंधित होती है और उसी दिशा में आगे बढ़ती है, हालांकि, संपत्ति पर रिस्क्स और रिटर्न प्रदान करने के प्रकार तरीक़े डेरिवेटिवस के समान नहीं होते है।

इसलिए, जब कोई निवेशक अपने पोर्टफोलियो के विविधीकरण पर निर्णय लेना चाहता है और अगर वह उच्च नक़दी, उच्च रिटर्न लेकिन उच्च जोखिम के कारण स्टॉक को एक संपत्ति वर्ग के रूप में चुनता है, तो वह उस स्टॉक के डेरिवेटिवस को अन्य संपत्ति वर्ग के रूप में भी जोड़ सकता है ताकि उसे सभी रिस्क्स से विविधता मिल सके।

इसलिए, डेरिवेटिव एक ऐसा संपत्ति वर्ग हैं जो सबके लिए महत्वपूर्ण है। वे निवेशक को उनकी जोखिम प्रोफाइल के विविधीकरण में मदद करते हैं और नुकसान को सीमित रखते हुए उन्हें असीमित लाभ प्राप्त करते हैं। डेरिवेटिव द्वारा प्रदान किया गए बाजार एक्सपोजर मुद्रा, स्टॉक, सोना, रियल एस्टेट आदि जैसे आधारभूत परिसंपत्तियों द्वारा प्रदान किए गए एक्सपोजर की तुलना में बहुत अलग और अद्वितीय होते है।

यदि आप शेयर बाजार में ट्रेडिग के साथ शुरुआत करना चाहते हैं तो बस नीचे दिए गए फॉर्म में अपना कुछ मौलिक विवरण भरें। जिसके तुरंत बाद आपके लिए एक कॉलबैक व्यवस्थित किया जाएगा:

स्टॉक ब्रोकर का सुझाव

Summary
Review Date
Reviewed Item
क्या डेरिवेटिवस का मतलब संपत्ति वर्ग होता है
Author Rating
51star1star1star1star1star

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 − ten =