NCD Investment in Hindi

क्या आप लंबे समय में उच्च रिटर्न पाने के लिए अपने निवेश पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव लाना चाहते हैं? यदि हाँ, तो यह समय है कि आप हज़ारों सालों से सबसे लोकप्रिय निवेश उपकरणों में से एक, नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) में निवेश करने पर विचार कर सकते है।

आइये NCD Investment in Hindi में विस्तार से बात करते हैं।


NCD Meaning in Hindi – NCD क्या है 

पारंपरिक बैंक मे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तुलना में, NCD आपको उच्च ब्याज दर का लाभ देता हैं। वास्तव में, नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स आम तौर पर अपने निवेशको को उनके निवेश पर बहुत बड़ा रिटर्न प्रदान करते हैं ताकि फिक्स्ड डिपॉजिट के ख़िलाफ़ मुद्रास्फीति को कम किया जा सके।

जब कोई निवेशक इन्हें लम्बे समय तक अपने पास सम्भाल कर रखता है, तो ये उन निवेशको को समय के साथ उनकी पूँजी मे मूल्य वृद्धि प्रदान करते है।

इसके अलावा, एनसीडी पर आरबीआई द्वारा बारीकी से निगरानी रखी जाती है जिससे इसे व्यवस्थित किया जाता है, और इसी कारण से यह निवेशकों के लिए और भी अधिक मुनाफ़े वाला निवेश द्वार बन जाता है।

एनसीडी को ध्यान में रखने के लिए एक और उल्लेखनीय कारक यह भी है, कि यदि आप इसकी तुलना अन्य निवेश चैनलों के साथ करते हैं तो यह निवेशकों के लिए निवेश करने का अधिक सुरक्षित तरीका है।

इसी साधारण कारण की वजह से ही निवेशको को पहले या दुसरे परिसम्पत्ति के तोर पर एनसीडी दिए जाते है।

हाल ही में, एडलवाइस एनसीडी भी सब्स्क्रिप्शन के लिए खोला गया था।


NCD में इंवेस्ट करने के 5 कारण 

यहाँ कुछ ऐसे प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं जिनमे ये बताया जा रहा है कि आपको NCD में Investment क्यों करना चाहिए :

अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव करे- स्टॉक मार्केट में हमेशा ही उतार-चढ़ाव की संभावना होती हैं, जबकि बॉन्ड अधिक स्थिर होते हैं।

आमतौर पर, बॉन्ड एक प्रकार का ऋण होता हैं, आप इन बॉन्ड को जब ख़रीद सकते है जब ये किसी सरकारी उपयोगिताओं और कंपनियों द्वारा जारी किए या बेचे जाते है।

इसके अलावा आप स्टॉक और अन्य निवेशों में भी निवेश कर सकते हैं, लेकिन बॉन्ड से आप लंबे समय में बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं, खासकर जब स्टॉक नीचे जाते हैं!

नियमित आय- बॉन्ड सेवानिवृत्त लोगों के लिए एक आदर्श आय अर्जनकर्ता हैं। इसमें एक निवेशक को आमतौर पर एक वर्ष में दो बार तब तक भुगतान किया जाता है, जब तक कि उधारकर्ता कोई चूक न करें।

जबकि स्टॉक के मामले में, कंपनियों को स्टॉक मालिकों को डिविडेन्ड का भुगतान करना अनिवार्य नहीं है।

लिक्विडिटी- यदि कोई आवश्यकता पड़ती है, तो बांड को कैश में भी परिवर्तित किया जा सकता है और निवेशक इनको अपनी किसी आकस्मिक परिस्थिति में उपयोग करने के लिए रख सकता है।

कानूनी सुरक्षा- यदि कोई कंपनी दिवालिया हो जाती है, तो भी बॉन्डधारक उनसे अपना पैसा वापस माँग सकते है। और किसी भी तरह का मामला हो, कंपनी की परिसम्पत्ति मे मुआवज़ा माँगने पर शेयरधारकों के बजाय बॉन्डहोल्डर्स को अधिक प्राथमिकता दी जाती है।

टैक्स में फायदा- सरकारी बॉन्ड बहुत अच्छे कर टैक्स फायदो के साथ आते हैं और आपका काफ़ी इन्कम टैक्स बचाने में मदद करते हैं।


NCD की विशेषताएं और फायदे

इसके अलावा, आइए अब एनसीडी की कुछ मुख्य विशेषताओ और फायदो के बारे में बात करते है जो आपको एनसीडी में निवेश करने पर मिलती है।

उच्च-ब्याज दरें – एनसीडी अपने निवेशकों को उच्च-ब्याज दर पेश करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में एनसीडी की औसत ब्याज दर लगभग 11% तक बढ़ गई है। और अधिकांश एनसीडी वार्षिक और संचयी भुगतान करने का प्रस्ताव भी देते हैं।

पूँजीगत लाभ कामना- एनसीडीस स्टॉक एक्सचेंजों में भी सूचीबद्ध होते हैं और निवेशक सम्पूर्णता से पहले किसी भी समय अपने इन डिबेंचर को बेचने का विकल्प चुन सकते हैं।

इस प्रक्रिया में, द्वितीयक मार्केट में बिक्री के माध्यम से कमाए हुए किसी भी लाभ को पूंजीगत लाभ के रूप में जाना जाता है। हालांकि इसमें कमाई इंट्रेस्ट रेट के कथानक पर निर्भर होती है।

कर-देयता( टैक्सबिलिटी)- एनसीडी में किसी भी निवेशक द्वारा कमाए हुए ब्याज को बॉन्ड धारक की आय के साथ जोड़ दिया जाता है और उसके बाद उस व्यक्ति की व्यक्तिगत सीमांत आयकर दरों पर टैक्स लगाया जाता है।

संबंधित (एसोसिएटेड) जोखिम – किसी को एनसीडी में निवेश करने से पहले उसे संबंधित जोखिमों को ध्यान में रखना चाहिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण जोखिमों में से एक क्रेडिट जोखिम ही है इसके अलावा और कोई नहीं।

यदि कोई निवेशक किसी असुरक्षित एनसीडी में निवेश करता है तो उसका कोई सहारा नहीं हो सकता। लेकिन इसमें एक दूसरे प्रकार का जोखिम भी है जिसे लिक्विडिटी का जोखिम कहते है जो निवेशकों को सम्पूर्णता से पहले कही से भी बाहर निकलने से वंचित रखता है।

इसलिए हर निवेशक के लिए यह आवश्यक है कि वह एनसीडी में निवेश करने से पहले उसको प्रभावित करने वाले कारकों की पूरी तरह से बुनियादी जाँच करले।

जैसे एक कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और फंड के अंतिम उपयोग की जांच होनी चाहिए और एक निष्पक्ष रेटिंग ही इस जाँच का विश्वसनीय प्रमाण हो सकता है।

उदाहरण के लिए, एक विश्वसनीय गैर-जमा राशि जो एनबीएफसी को आरबीआई के साथ पंजीकृत करती है।


इंडियाबुल्स कंज्यूमर फाइनेंस लिमिटेड ने कुछ सुरक्षित नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स लोगों को देने के लिए जारी किए है।

एनसीडी ने अपने निवेशको के लिए 11% तक की आकर्षक कूपन दर जारी कि हुई है। इसमें 26 महीने, 38 महीने और 60 महीने के सम्पूर्णता विकल्प भी हैं। इसके लिए आवेदन कम से कम ₹10,000 से शुरू होता है।

इस मुद्दे को बीडब्ल्यूआर एए+|केयर एए स्टेबल रेटिंग का दर्जा दिया गया है, जोकि वित्तीय दायित्वों की समय पर सेवा के बारे में उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है।

इस मुद्दे ने एनसीडी को एनएसई और बीएसई दोनों पर सूचीबद्ध होने का प्रस्ताव भी दिया है। अगर एनसीडी सूचीबद्ध हो जाता हैं तो एनसीडी में कमाए हुए ब्याज पर किसी भी तरीक़े का कोई टैक्स नहीं कटेगा।

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