Offline Share Kaise Kharide

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आजकल की डिजिटल दुनिया सब कोई ऑनलाइन ट्रेडिंग को चुनता हैं, लेकिन ऑनलाइन ट्रेडर्स की भीड़ में आज भी कुछ लोग है जो शेयर मार्केट में पुराने तरीको से ट्रेडिंग करना सुरक्षित मानते है, लेकिन क्या ऐसा मुमकिन है? अगर हां! तो offline share kaise kharide.

आज इस लेख में हम बात करेंगे की किस तरह से बिना शेयर मार्केट एप्स के शेयर कैसे खरीदते है और इसके लिए आपको क्या भुगतान करना होता है

भारत में ऑफलाइन शेयर कैसे ख़रीदे?

ऑफलाइन ट्रेडिंग वह प्रक्रिया है जिसमे आप सीधे स्टॉक ब्रोकर की मदद से स्टॉक को खरीदते है। एक तरह से या तो आपको ब्रोकर की ब्रांच में या ऑफिस में जाकर अपनी ट्रेडिंग की जानकारी प्रदान करनी होती है या फिर कॉल और ट्रेड की सुविधा से आप ब्रोकर को संपर्क कर स्टॉक में ट्रेड कर सकते है।

क्योंकि डिस्काउंट ब्रोकर की कोई ब्रांच या सब ब्रोकर नहीं होते तो उनके साथ ऑफलाइन ट्रेडिंग करने के लिए आपको सिर्फ कॉल एंड ट्रेड का ही विकल्प प्रदान किया जाता है

अब हालांकि आप अपने स्टॉकब्रोकर की मदद से ऑफलाइन शेयर खरीद सकते है लेकिन इसके अतिरिक्त सभी कार्य आपको खुद ही करने होंगे, जैसे रिसर्च, किस स्टॉक में निवेश करना है, किस स्टॉक में ट्रेड करना है, कितने स्टॉक खरीदने और कितने पैसो से ट्रेड करना है

तो चलिए अगर आप निवेश करने की दुनिया में बिलकुल नए है तो आपको एक-एक करके offline share kaise kharide के सभी चरण विस्तार में बताते है:

1. डीमैट खाता खोले 

अब यहाँ पर चाहे आपको ऑनलाइन ट्रेडिंग करनी है या ऑफलाइन, सबसे ज़रूरी काम है डीमैट खाता खोलना। आप डीमैट अकाउंट खोलने के लिए स्टॉकब्रोकर का चयन करें और उनके निर्देशों का पालन कर ऑनलाइन या ऑफलाइन डीमैट खाता खोले।

2. रिसर्च करें 

स्टॉक मार्केट में शेयर खरीदने से पहले रिसर्च करना आवश्यक है,  आप जिस भी कंपनी का शेयर खरीदना चाहते है उस कंपनी के बारे में पहले अच्छे से एनालिसिस कर ले। यहाँ पर ये ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है कि आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहते हो या ट्रेडिंग कर मुनाफा कामना चाहते हो।

ये इसलिए अनिवार्य है क्योंकिं लॉन्ग टर्म के लिए एक तरह जहाँ आपको फंडामेंटल एनालिसिस (fundamental analysis in hindi), यानी की स्टॉक किस कंपनी का है, बिज़नेस मॉडल, सेक्टर, प्रॉफिट और अन्य चीज़ो का विश्लेषण करना होता है वही पर ट्रेडिंग के लिए आपको मार्केट के हाल ही में हुए गतिविधियों पर ध्यान देना होता है और साथ टेक्निकल एनालिसिस कर स्टॉक का चयन और सही प्राइस की गणना करनी होती है

3. शेयर की मात्रा तय करें 

यहाँ पर अपनी क्षमता और ट्रेडिंग स्टाइल के अनुसार स्टॉक की मात्रा निश्चित करें। यहाँ पर अगर आप ट्रेडिंग करना चाहते है तो उसके लिए ज़रूरी होता है की आप ज़्यादा मात्रा में स्टॉक को ख़रीदे जिससे आप अपने प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ा सके, लेकिन साथ ही आप ट्रेडिंग से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखना काफी आवश्यक हो जाता है।

लॉन्ग टर्म निवेश के लिए भी आप अपनी क्षमता के अनुसार स्टॉक की मात्रा और राशि तय कर सकते है

4. कॉल एंड ट्रेड करें 

अब ऊपर दिए हुए चरणों के अनुसार आप जो भी स्टॉक की सूची तैयार की है वह सब जानकारी कॉल कर अपने स्टॉकब्रोकर को प्रदान करें। स्टॉक ब्रोकर के पास ट्रेडिंग टर्मिनल होते है जिसका उपयोग कर आपकी ओर से स्टॉक मार्केट में ट्रेड करता है।

यहाँ पर अगर आपने इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अपने स्टॉकब्रोकर को निर्देश दिए है तो ध्यान रखे की मार्केट बंद होने से पूर्व आपको अपनी पोजीशन क्लोज करने के लिए दोबारा कॉल एंड ट्रेड सुविधा का उपयोग कर अपने स्टॉकब्रोकर को निर्देश देने होंगे।

कॉल एंड ट्रेड के अतिरिक्त आगर आपने फुल सर्विस स्टॉकब्रोकर के साथ अपना अकाउंट खोला है तो आप निकट ब्रांच में जाकर भी ट्रेडिंग का लुफ्त उठा सकते है। फुल सर्विस स्टॉकब्रोकर आपको रिसर्च टिप्स भी प्रदान करते है तो यहाँ पर आप उनकी टिप्स का उपयोग कर भी ऑफलाइन ट्रेडिंग कर सकते है। 


ऑफलाइन शेयर खरीदने के खर्चे

Offline share kaise kharide ये तो स्पष्ट हो गया लेकिन अब प्रश्न आता है कि ऑफलाइन शेयर के लिए कितनी ब्रोकरेज देनी होती है और क्या ब्रोकर आपकी ओर से ट्रेड करने की फीस भी लेता है?

अब यहाँ पर आपको बतादे की किसी भी सेगमेंट (डिलीवरी, इंट्राडे, फ्यूचर और ऑप्शन) में ट्रेड करने का ब्रोकर आपसे उसी तरह से ब्रोकरेज लेता है जैसे की ऑनलाइन ट्रेडिंग में प्राप्त किये जाते है, लेकिन यहाँ पर कॉल एंड ट्रेड की सुविधा और आपकी ओर से ट्रेड करने के लिए वह आपसे अतिरिक्त शुल्क प्राप्त करता है। 

ये शुल्क हर एक ब्रोकर का अलग-अलग होता है और ये ट्रेड के आधार पर नहीं बल्कि आर्डर के ऊपर लगाया जाता है। 

इसको समझने के लिए एक उदाहरण लेते है:

मान लेते है कि आपका ब्रोकर इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए ₹20 और कॉल एंड ट्रेड के लिए ₹20 प्रति आर्डर चार्ज करता है। अब मान लेते है की आपने ABC स्टॉक, XYZ स्टॉक और PQR स्टॉक में इंट्राडे ट्रेड करनी है, इसके लिए आपका ब्रोकर हर एक स्टॉक में इंट्राडे ब्रोकरेज लेगा यानी की 60 रुपये आपको offline share kharidne के लिए भुगतान करना होगा, इसके अलावा इस आर्डर के लिए आपको 20 रुपये ऊपर से भुगतान करना होगा। 

मार्केट बंद होने से पहले आपको अपनी पोजीशन क्लोज भी करनी होती है जिसके लिए आपको फिर से कॉल एंड ट्रेड आर्डर देना होगा और फिर से ब्रोकरेज और ट्रेडिंग चार्ज देने होंगे। 

सरल भाषा में ऑफलाइन ट्रेडिंग के लिए आपको ब्रोकरेज के ऊपर कॉल एंड ट्रेड फीस भी देनी होती है जो आपके ट्रेडिंग के खर्चो को बढ़ा देती है। 


निष्कर्ष

यह सवाल हर किसी के मन में आता है कि ऑफलाइन ट्रेडिंग करनी चाहिए की नहीं, हालांकि हर व्यक्ति का नजरिया अलग होता है सब कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो गया है ख़ास कर कोविड-19 के बाद हर चीज ऑनलाइन हो गई है।

तो अगर आप इस असमंझस में थे की offline share kaise kharide तो आप ऊपर दी गयी जानकारी से आसानी से बिना ट्रेडिंग एप के शेयर खरीद सकते है। हालांकि, ऑनलाइन ट्रेडिंग के कई गुना लाभों के कारण इसने अपनी महत्वता खो दी है।


स्टॉक मार्केट में निवेश करने की शुरुआत करने के लिए और डीमैट खाता खोलने के लिए अभी संपर्क करें और हम आपको एक सही स्टॉकब्रोकर को चुनने में मदद करेंगे। 

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