शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट बीच का अंतर?

हम सब अपने मुश्किल दिनों के लिए पैसे बचाने के महत्व को समझते है, लेकिन जब हमने एक अच्छा हिस्सा बचा लिया होता है तो हम क्या करते है, और उसी समय हम अपने मासिक वेतन के साथ थोड़ा और अलग से भी कमाई करना चाहते है?

ख़ैर, आप मुनाफ़ा कमाने के लिए अपनी अतिरिक्त बचत को कई ऐसे मार्केट में निवेश कर सकते है जो आपके पैसे को बढ़ा सकता है। दुर्भाग्य से मार्केट को समझना आसान नहीं होता है, इसीलिए हम अपनी बचत के लिए लाभकारी मार्ग खोजने में एक विशेषज्ञ की मदद लेते है।

कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता की आप किस निवेश के बारे में कैसे जानते है, आप म्यूचुअल फंड, स्टॉक मार्केट या शेयरों में अपना पैसा निवेश कर सकते हैं।

आज के वित्तीय बाजार में, आप शायद ही कभी स्टॉक और शेयर के बीच अंतर करने में सक्षम होंगे, क्योंकि इन दोनों मामलों को एक ही चीज़ को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह जानने के लिए कि शेयर मार्केट क्या है और यह स्टॉक मार्केट से अलग कैसे है, तो आपके लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि इन दोनों शब्दों को कैसे परिभाषित किया जाता है और किस संदर्भ में उनका उपयोग किया जाता है.

शेयर‘ शब्द का उपयोग किसी विशेष कंपनी के संदर्भ में किया जाता है, जबकि ‘स्टॉक‘ शब्द का उपयोग व्यापक रूप से लिए हुए कई कंपनियों के शेयरों के संदर्भ में किया जाता है।

आइए अब यह समझने की कोशिश करते है  कि इन सब में स्टॉक एक्सचेंज की भूमिका क्या है।

स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसी आधारभूत संरचना प्रदान करता है जहां कोई भी कम्पनी ट्रेडिंग करने के लिए अपनी इक्विटी प्रतिभूतियों या स्टॉक को निवेशको के लिए सूचीबद्ध कर सकती है। इसके बिना शेयरों में ट्रेडिंग करने के लिए ना तो कोई  व्यस्थित वातावरण होता है और ना ही कोई व्यस्थित क्रियविधि और एक स्टॉक मार्केट के बिना एक्सचेंज का कोई उपयोग नहीं होता।

स्टॉक एक्सचेंज मैनुअल या इलेक्ट्रॉनिक किसी भी प्रकार का हो सकता है, और यह स्टॉक मार्केट के आकार के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

कंपनियां स्टॉक मार्केट पर अपने इक्विटी शेयरस को सूचीबद्ध करती हैं, ताकि सार्वजनिक निवेशक शेयर मार्केट के सजीव अपडेट का विश्लेषण करने के बाद ही शेयरों की ख़रीद और बिक्री कर के ट्रेडिंग  कर सकें।

इसलिए आम तौर पर, जब कोई ट्रेडर कहता है की वो किसी एक कम्पनी में निवेश कर रहा है तो वो उस कम्पनी के स्टॉक सर्टिफ़िकेट को ख़रीदने का उल्लेख करते है, जो एक वास्तविक दस्तावेज़ होता है और उस कम्पनी में हमारे द्वारा ख़रीदे गए शेयरों के प्रमाण के रूप में कार्य करता है।

इसलिए, यदि कोई निवेशक कंपनी A के शेयर खरीदता है, तो उसका यह कहना गलत होगा, की “मेरे पास कंपनी A का स्टॉक हैं”। इसलिए इसके बजाय, निवेशक कहता है कि वह ‘कंपनी A‘ के ​​शेयरों का मालिक है। वैकल्पिक रूप से, अगर निवेशक ने कई कंपनियों के शेयर खरीदे हैं, तो उन्हें उस निवेशक के स्वामित्व वाले स्टॉक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

हालाँकि शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट के बीच केवल एक छोटा सा ही अंतर है, लेकिन हमारे किए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है की प्रत्येक शब्द का अर्थ क्या है।  भले ही अंतर दोनों मामलों के उपयोग के संदर्भ में और वित्तीय सटीकता से कम करने के संदर्भ में अधिक है, लेकिन यह आवश्यक है कि हम इस मामले के बारे में खुद को शिक्षित करें।

और अब अंत में, यदि हम अपनी कड़ी मेहनत से कमाए हुए पैसे का निवेश कर रहे है तो हमें किसी विशेष कम्पनी का स्टॉक या शेयरों को ख़रीदने का फ़ैसला करते समय उसे होने वाले प्रभावों से पूरी तरह अवगत होना चाहिए।

यदि आप अपने आपको शेयर मार्केट में लाना चाहते है तो बस नीचे दिए गए फ़ॉर्म में अपना कुछ मौलिक विवरण भरे और हम आपको शुरूवात करवा देंगे:

स्टॉक ब्रोकर का सुझाव

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शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट
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