Moving Average in Hindi

टेक्निकल इंडिकेटर के अन्य लेख

हम सब ने अपने स्कूल टाइम के दौरान एवरेज (औसत) के बारे में पढ़ा है। मूविंग एवरेज (Moving Average in Hindi) उसी विषय का एडवांस मॉडल है। इसकी मदद से एक ट्रेंड का पता लगाया जाता है। 

मूविंग एवरेज एक बहुत ही आसान और प्रभावी इंडिकेटर है और इसी कारण से इनका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। 

सिंपल मूविंग एवरेज के बारे में बात करने से पहले, आइए जल्दी से एवरेज या औसत की गणना के बारे में समझ लेते हैं। 

आइए, एक उदाहरण लेते हैं। 

मान लीजिए कि आपके पास एक दुकान है तो आप हर दिन शाम को अपने गल्ले को चेक करते हैं और पता लगाते हैं कि आज कितनी कमाई हुई। 

निम्नलिखित टेबल में दुकान की पिछली 5 दिनों की कमाई को दिखाया गया है:


आप पीछे 5 दिनों की कुल कमाई को जोड़ते हैं और उस संख्या को 5 से विभाजित करते हैं, इस स्थिति में गणना होगी : = 3000 / 5 = 600 प्रति दिन। अब मान लें कि आप एक दिन शाम को बैठते हैं और पिछले
5 दिन की कमाई का औसत जानने की कोशिश करते हैं। 

इस स्थिति में, आपको पता लग गया कि आपकी औसत कमाई ₹600 प्रति दिन है। 

अब यहां जाहिर है कि आपके दुकान की रोजाना की कमाई ₹600 से ज्यादा भी रही होगी या कम भी होगी। 

जैसा कि आप टेबल में देख सकते हैं कि 15 मार्च को ₹700 और 11 मार्च को ₹500 की कमाई हुई है। 


इस प्रकार, आप देख सकते हैं कि औसत से कोई सटीक जानकारी नहीं मिलती बल्कि आपको एक अनुमान का पता लग जाता है। 

अब, इसी कॉन्सेप्ट को शेयर बाजार के सन्दर्भ में समझते हैं – नीचे टेबल में पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन के लिए अडानी गैस के क्लोजिंग प्राइस दिए गए हैं। इनके अनुसार ही, पिछले 5 दिन की एवरेज गणना की जाएगी: 

 

3633.2 / 5 = 726.64

इसलिए लास्ट 5 ट्रेडिंग सेशन में Adani Gas का एवरेज प्राइस ₹726.64 है। 


Simple Moving Average in Hindi

मूविंग एवरेज को सिंपल मूविंग एवरेज (Simple Moving Average) भी कहा जाता है। इसे समझने के लिए एक और उदाहरण लेते हैं। 

यहाँ Reliance Industries Limited के पिछले 5 दिनों के लिए क्लोजिंग प्राइस दिखाया गया है जहाँ हम पिछले 5 दिनों के लिए एवरेज क्लोजिंग प्राइस की गणना करेंगे।

 

10876.65/5 = ₹2175.33

इस प्रकार, आप देख सकते हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन का एवरेज क्लोजिंग प्राइस ₹2175.32 है।

आगे बढ़ते हैं, और अगले ट्रेडिंग सेशन यानी 15 मार्च का नया डाटा हमारे पास है।

तो अगले नए 5 दिन हैं – 8, 9, 10, 12 और 15 । अब हम पिछले पुराने 5 तारीख के डाटा को बाहर कर देंगे, क्योंकि हमें पिछले लेटेस्ट 5 दिन के एवरेज को निकालना है।


इस गणना से रिलायंस के पिछले लेटेस्ट 5 दिन का एवरेज क्लोजिंग प्राइस 2128.56 है। इस प्रकार, नया एवरेज प्राइस होगा:
10642.81/5 = 2128.56

अभी हम इस टेबल में देख सकते हैं, पिछले 5 दिन के लेटेस्ट डाटा प्राप्त करने के लिए नया डाटा (15 मार्च) रखा है, और आखिरी तारीख यानी (5 मार्च) को टेबल में शामिल नहीं किया गया है। 

ठीक इसी तरह अगर 16 मार्च को, एवरेज क्लोजिंग प्राइस निकालने के लिए 16 मार्च का डाटा लेंगे और 8 मार्च के डाटा को बाहर कर दिया जाएगा। 

और यही क्रम आगे भी चलता रहेगा। जब भी हम कोई नया डाटा शामिल करेंगे तो सबसे पुराने डाटा को बाहर कर देंगे। 

और इसलिए इसे “मूविंग” एवरेज भी कहा जाता है। 

ऊपर दिए गए उदाहरण में हमने एवरेज प्राइस को कैलकुलेट करने के लिए क्लोजिंग प्राइस यानी समापन कीमत को आधार माना है।

लेकिन एक निवेशक या ट्रेडर मूविंग एवरेज को कैलकुलेट करने के लिए अन्य मापदंड जैसे High, Low, और Open का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हालाँकि, ज्यादातर निवेशक Close का ही मापदंड मानते हैं। क्लोजिंग प्राइस वो होता है जिस पर मार्केट दिन के अंत में बंद होती है। 

मूविंग एवरेज के लिए कोई भी टाइम फ्रेम ले सकता है। इसके लिए ट्रेडर Minutes, Hours से Years तक का भी टाइम ले सकता है।   

अपनी जरूरतों के अनुसार चार्टिंग सॉफ्टवेयर से कोई भी टाइम फ्रेम सेट किया जा सकता है। 

तो अभी तक आप समझ गए हैं, जब Closing Price बदलता है तब Moving Average बदलता है।ऊपर दिखाए टेबल में “Simple Moving Average” (SMA) को उदाहरण के माध्यम से समझाया है।

उदाहरण में हमने 5 दिनों के डाटा को दिखाया है, इसलिए ये 5 Day SMA कहा जाएगा। 

यह 5 दिन के एवरेज किसी भी समय (10, 20, 40, 60, 80,100) के लिए हो सकता है। इस 5 दिन के एवरेज को एक लाइन से जोड़ा जाता है जिसे Moving Average Line कहते है। यह लाइन टाइम बढ़ने के साथ आगे बढ़ती रहती है। 

निम्नलिखित चार्ट में, हमने रिलायंस के कैंडलस्टिक चार्ट पर 5 दिन का सिंपल मूविंग एवरेज को दिखाया है।

तो हमें मूविंग एवरेज से क्या पता लगता है और इस्तेमाल कैसे करते हैं?

आमतौर पर मूविंग एवरेज कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसके बारे में विस्तार से बात करेंगे लेकिन पहले एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। 


एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज

एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज को समझने के लिए आइये पहले एक उदाहरण लेते हैं।


लेकिन, मार्केट में ऐसा सभी मामलों में नहीं होता है। अब ऊपर दिए गए टेबल में नंबर के एवरेज की गणना करते हैं तो हम पहली बार में सभी नंबरों को एक समान ही महत्व देने के बारे में सोचेंगे। 
जैसे अगर कोई डाटा 10 जून का है तो वो उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि 14 जुलाई का डाटा।  


“टेक्निकल एनालिसिस का एक कांसेप्ट है – Market Discount Everything.

उपरोक्त लाइन का मतलब है कि बाजार में किसी शेयर का बाजार मूल्य उस शेयर से जुड़ी सभी ज्ञात और अज्ञात जानकारी के बारे में बता देता है। 

और यही कारण कि उस स्टॉक का लेटेस्ट डाटा महत्वपूर्ण हो जाता है।

यही फैक्ट ऊपर दिए टेबल में भी नजर आते हैं। ऊपर टेबल से यह भी पता लगता है कि 14 जून का डाटा 12 जून के डाटा से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

इसलिए EMA में लेटेस्ट डाटा को आधार मानना चाहिए। तो इस टेबल में सबसे ज्यादा 14 जून को और उसके बाद 13 जून और फिर उसके पहले के डाटा को प्राथमिकता देते हैं। 

हम अभी EMA की गणना के बारे में बात नहीं करेंगे, क्योंकि ज्यादातर टेक्निकल सॉफ्टवेयर में EMA को दर्शाने की सुविधा उपलब्ध होती है।


Moving Average का इस्तेमाल क्यों करते हैं?

स्टॉक मार्केट में मूविंग एवरेज का एक महत्वपूर्ण स्थान है और आप इससे इनकार नहीं कर सकते। 

ज्यादातर ट्रेडर और इन्वेस्टर द्वारा खरीद और बिक्री के निर्णय लेने में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

आप देख सकते हैं कि अधिक से अधिक ब्रोकर इसे अपने मोबाइल प्लेटफॉर्म में अपना रहे हैं। 

अधिकांश ऐप-आधारित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में एक चार्ट विकल्प होता है जो आपको यह जानकारी दिखाता है।

स्टॉक खरीदने के लिए एक निर्णायक कारक के रूप में मूविंग एवरेज का उपयोग करने के कई कारण हैं।

उनमें से एक कारण यह है कि आपके द्वारा चयनित समय के आधार पर 1 दिन या 1 सप्ताह या 10 दिन के आधार पर होने वाले उतार-चढ़ाव के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

आपको एक फाइनल डाटा मिलता है और उसके अनुसार ही फाइनल प्राइस भी पता लगता है।

यह आपके द्वारा चयनित समय के मानदंडों के आधार पर किसी विशेष स्टॉक की क्लोजिंग प्राइस का एक एवरेज वैल्यू देता है। 

आप 5 दिनों का मूविंग एवरेज या 10 दिनों का मूविंग एवरेज चुन सकते हैं, और कीमतों के उतार-चढ़ाव को देख सकते हैं।

यदि ग्राफ ऊपर जा रहा है, तो इसका मतलब है कि कीमतें बढ़ रही हैं। यदि ग्राफ नीचे जा रहा है, तो स्टॉक की कीमत भी नीचे जा रही है। 

और अगर मूवमेंट साथ-साथ चल रही है, तो आप जानते हैं कि कीमत एक ही रेंज में है।

इसलिए, शेयर बाजार में निवेशकों द्वारा व्यापक रूप से मूविंग एवरेज का उपयोग किया जाता है क्योंकि, यह स्टॉक के परफॉर्मेंस के बारे में एक स्पष्ट संकेत देता है।

अब निवेशकों को हर मिनट की जानकारी के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। निवेशक केवल मूविंग एवरेज ग्राफ को देखकर स्टॉक प्राइस की भविष्यवाणी कर सकते हैं।

इससे आपको सबसे अच्छे शेयरों को खरीदने में मदद मिलेगी और आपको यह भी पता लगेगा कि आपको कब अधिक रिटर्न मिलने वाला है।


Support level vs Resistance level in Hindi 

मूविंग एवरेज के संबंध में दो और टर्म हैं जिन्हें आपको समझना होगा। 

ये टर्म सपोर्ट लेवल और रेजिस्टेंस लेवल हैं। ये लेवल आपको यह तय करने में मदद करते हैं कि क्या स्टॉक की कीमतें बढ़ेंगी या कम होगी।

सपोर्ट प्राइस का मतलब है कि किसी स्टॉक का टेक्निकल चार्ट में ऐसा पॉइंट होना जो स्टॉक प्राइस को ऊपर और नीचे जाने से रोकता है या ऐसे कहें कि स्टॉक प्राइस को और नीचे गिरने से बचाने के लिए सपोर्ट प्रदान करना है। 

एक अपट्रेंड में, सपोर्ट प्राइस किसी शेयर के वर्तमान मूल्य से नीचे होती है। इस पॉइंट पर ट्रेडर कम कीमत के कारण स्टॉक खरीदने की तरफ जाएगा।

इसके साथ ही ट्रेडर को यह पता लगता है कि ट्रेडर को जितना स्टॉक बेचना था वो उसे बेच चुके हैं अब इसके बाद खरीददारी बढ़ जाती हैं। 

जबकि रेजिस्टेंस लेवल किसी स्टॉक के करंट मार्केट प्राइस से ऊपर होता है। इसका मतलब है कि स्टॉक के प्राइस में रिवर्सल होने की संभावना होती है। यहाँ स्टॉक के प्राइस में और अधिक गिरावट हो सकती है। 

इस लेवल का मतलब है कि स्टॉक ओवरबोट (Overbought) हो चुका है और अब लोग इस स्टॉक को बेचना शुरू कर देते हैं। 


मूविंग एवरेज क्रॉसओवर ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी 

क्रॉसओवर सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली एवरेज रणनीति में से एक हैं। क्रॉसओवर दो प्रकार के हैं: प्राइस क्रॉसओवर और गोल्डन क्रॉसओवर। 

जब प्राइस, मूविंग एवरेज के ऊपर या नीचे जाता है जो ट्रेंड में एक संभावित बदलाव के बारे में संकेत देता है तो इसे ही प्राइस क्रॉसओवर कहा जाता है। 

इसके अलावा, एक और रणनीति दो मूविंग एवरेज को एक चार्ट पर लागू करना है। 

आपके पास एक लॉन्ग और एक शॉर्ट पोजीशन हो सकती है। जब आपका शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज लॉन्ग टर्म के मूविंग एवरेज को पार कर जाता है, तो यह एक Buy Signal है क्योंकि यह बता रहा है कि ट्रेंड शिफ्ट हो रहा है। 

इसे गोल्डन क्रॉस के रूप में जाना जाता है। 

इसके अलावा, जब शॉर्ट टर्म की मूविंग एवरेज, लॉन्ग टर्म के मूविंग एवरेज से नीचे हो जाती है, तो Sell Signal मिलता है क्योंकि ट्रेंड नीचे की ओर बढ़ रहा है।

इसे डेथ क्रॉस के रूप में भी जाना जाता है। ये रणनीतियाँ आपको सही निर्णय लेने में मदद करती हैं और स्टॉक का विश्लेषण करने में भी आपकी मदद करती हैं जो आपके लिए सबसे अच्छा हो सकता है। 


इस लेख की मुख्य बातें 

मूविंग एवरेज एक उपयोगी टेक्निकल इंडिकेटर है जिसका उपयोग शेयर की कीमतों में प्रतिदिन के उतार-चढ़ाव को देख कर उसमें बनने वाले ट्रेंड के विश्लेषण समझने में करते हैं.

यह इंडिकेटर किसी सिक्योरिटीज की औसत मूल्य के बारे में बताता है, जो 5, 15, 20, 50, 100, 200 दिनों की भी हो सकती है.

उदाहरण के तौर पर 20 डे-मूविंग एवरेज निकालने के लिए पिछले 20 दिनों की क्लोजिंग प्राइस को जोड़ते है और उसमें 20 से भाग किया जाता है। 

इसके अलावा, कुछ और भी मूविंग एवरेज है जैसे एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज। 


यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो सबसे पहले डीमैट खाता खोलें।

डीमैट खाता खोलने के लिए नीचे दिए गए फॉर्म को देखें:

यहाँ अपना बुनियादी विवरण भरें और उसके बाद आपके लिए कॉलबैक की व्यवस्था की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 × four =