Share Market Knowledge in Hindi

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क्या आपने भी शेयर बाजार में रूचि लेना शुरू कर दिया है? लेकिन जानकारी की कमी से निवेश करने से बच रहे हैं? फिर चिंता की बात नहीं है। इस पोस्ट में, आपके जैसे नए रीडर्स के लिए Share Market Knowledge in Hindi की पूरी जानकारी शेयर किया है। 

इन्वेस्टमेंट चाहे किसी भी सेक्टर में किया जाए उस सेक्टर की सही जानकारी होना जरूरी है।   

फिर बात जब शेयर मार्केट की होती है तो Share Market Knowledge in Hindi का होना अनिवार्य हो जाता है। क्योंकि आधी-अधूरी जानकारी के साथ शेयर बाsजार में निवेश करना मूर्खता है। 

चलिए फिर अब मुख्य विषय पर आते हैं। 

अब बात आपके Share Market Knowledge in Hindi की करते है। 


Share Market Basic knowledge in Hindi

शेयर मार्केट एक ऐसी जगह है जहाँ शेयर या तो जारी होता है या ट्रेड किया जाता है।

स्टॉक मार्केट भी शेयर मार्केट की तरह ही है। 

स्टॉक मार्केट में विभिन्न वित्तीय साधनों जैसे कि बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, डेरिवेटिव्स के साथ-साथ कंपनियों के शेयरों की ट्रेडिंग होती है।

जबकि शेयर मार्केट में केवल शेयरों की ट्रेडिंग की अनुमति होती है।

इसका प्रमुख कारक स्टॉक एक्सचेंज है – जो लिस्टेड कंपनी के स्टॉक और अन्य सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग करने के लिए प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। 

किसी भी स्टॉक को केवल तभी खरीदा या बेचा जा सकता है जब वह एक्सचेंज पर लिस्टेड हो। 

इस प्रकार, यह शेयर के खरीददारों और बेचने वालों के मिलने की जगह है। भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज हैं।

ये सब शेयर मार्केट की बुनियादी जानकारी है जो सभी को जानना आवश्यक है, लेकिन Share Market Knowledge in Hindi को समझने के लिए कुछ और महत्वपूर्ण विषय को भी समझना होगा।

अब यह पता करते है कि शेयर बाजार का इतिहास क्या रहा है। कब और किन परिस्थितियों में शुरुआत हुई।


Share Market History in Hindi 

भारत में, ट्रेडिंग की शुरुआत पहली बार एक बरगद के पेड़ के नीचे हुई थी। 

कुछ व्यापारी मुंबई में टाउन हॉल के सामने बरगद के पेड़ के नीचे इकट्ठा होते थे और वहीं से अपना व्यापार करते थे।    

 लेकिन जैसे-जैसे व्यापारियों की संख्या बढ़ती गयी और भीड़ बड़ी होने लगी तो उनको रोड पर आकर ट्रेड शुरू करना पड़ा। अंत में, व्यापारियों के पास बस एक जगह से दूसरी जगह जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

नतीजतन,सन 1854 में व्यापारियों के एक समूह ने दलाल स्ट्रीट पर ट्रेड करना शुरू किया।

वर्तमान समय में, दलाल स्ट्रीट एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज यानि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) बन चुका है। 

यह भारत का पहला स्टॉक एक्सचेंज भी है और इसने तब से भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

यहाँ तक की, आज बीएसई सेंसेक्स को एक ऐसा पैरामीटर माना जाता है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय हालात का अनुमान किया जाता है।

वर्ष 1993 में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)का गठन किया गया था। और कुछ ही सालों में, दोनों एक्सचेंज पर होने वाले ट्रेडिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव आया। एक्सचेंज पर आटोमेटिक ट्रेडिंग टेक्नोलॉजी की शुरुआत है चुकी थी।

इससे पता चलता है कि भारतीय शेयर मार्केट का एक मजबूत इतिहास है।

फिर भी, जब आप शेयर बाजार में निवेश करने की सोचते हैं, तो यह अक्सर एक भूलभुलैया या चक्रव्यूह की तरह लगता है।

लेकिन एक बार जब आप निवेश शुरू करते हैं, तो आपको पता चलेगा कि निवेश करना इतना भी कठिन नहीं है।

चलिए, अब आगे Share Market Knowledge in Hindi की बुनियादी जानकारी को जानते हैं।  


शेयर मार्केट के प्रकार

शेयर बाजार दो प्रकार का है – प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट।

प्राइमरी मार्केट 

यह वह मार्केट है जहां एक कंपनी को एक तय अमाउंट के शेयरों को जारी करने और धन जुटाने के लिए रजिस्टर किया जाता है। इसे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होना भी कहा जाता है।

एक कंपनी फंड जुटाने के लिए प्राइमरी मार्किट में प्रवेश करती है। यदि कंपनी पहली बार शेयर बेच रही है, तो इसे आईपीओ कहा जाता है।

Secondary Market in Hindi

एक बार जब प्राइमरी मार्केट में नई सिक्योरिटीज बेच दी जाती है तो इन शेयरों की ट्रेडिंग सेकेंडरी मार्केट में की जाती है।

यह निवेशकों को निवेश से बाहर निकलने और शेयरों को बेचने का मौका देती है। 

सेकेंडरी मार्केट ट्रांजेक्शन का मतलब है-  एक निवेशक दूसरे निवेशक से करंट मार्केट प्राइस पर या दोनों पार्टी की सहमति की कीमत पर शेयर खरीदता है।

आम तौर पर, निवेशक एक मध्यस्थ यानि की एक ब्रोकर की मदद से ट्रांजेक्शन करते हैं और यह ब्रोकर इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाते हैं। 

अगर Share Market Knowledge in Hindi को पढ़ रहे हैं तो फिर मार्केट के दोनों प्रकारों को समझना जरुरी है। इसके बाद ही आप निवेश करने के लिए सही निर्णय कर सकते हैं।


स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के लिए वित्तीय साधन

शेयर मार्केट में वित्तीय साधन का मतलब है कि एक ट्रेडर या इन्वेस्टर किस तरह के फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट/वित्तीय साधन में निवेश कर सकता है। हम बात Share Market Knowledge in Hindi की कर रहे हैं तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप मार्केट में किस प्रकार के वित्तीय साधन में निवेश कर सकते हैं। 

स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग में मुख्य चार वित्तीय साधन है, जो निम्नलिखित हैं:

बॉन्ड 

बॉन्ड एक प्रकार का डेब्ट इंस्ट्रूमेंट है, जिसके जरिए सरकार और प्राइवेट कंपनियां अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करती है। 

सरकार अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए बॉन्ड जारी करती है. इस बॉन्ड को “ऋण पत्र” भी कहते हैं. इस ऋण पत्र पर बॉन्ड की फेस वैल्यू या प्राइस के साथ-साथ उनपर मिलने वाला इंटरेस्ट रेट भी लिखा होता है।

प्राइवेट कंपनियां भी अपना बॉन्ड जारी करती है, लेकिन सरकारी बॉन्ड की तुलना में कम सुरक्षित माना जाता है।


सेकेंडरी मार्केट

सेकेंडरी मार्केट पैसा जुटाने के लिए एक और अन्य जगह है।

यहाँ कंपनियां फंड जुटाने के लिए शेयर जारी करती हैं। और कंपनी के एक शेयर को खरीदने का मतलब, कंपनी के हिस्से का मालिक होना है। फिर इन शेयरों की भारतीय शेयर मार्केट में ट्रेडिंग की जाती है।


डेरिवेटिव 

शेयरों जैसे वित्तीय साधनों के प्राइस में उतार-चढ़ाव होता रहता है जिसकी एक विशेष कीमत तय करना मुश्किल होता है। तो उसके लिए डेरिवेटिव होते है।

ये ऐसे साधन हैं जो भविष्य में आपको आज की कीमत पर ट्रेडिंग करने में मदद करते हैं।

सीधे शब्दों में कहें, तो आप एक तय कीमत पर शेयर या अन्य साधन खरीदने या बेचने के लिए एक एग्रीमेंट करते हैं।


म्यूचूअल फंड 

जो लोग सीधे शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहते उनके लिए म्यूच्यूअल फंड एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। म्यूच्यूअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसा जुटाती है और उन पैसे को शेयर में निवेश करती है। म्यूच्यूअल फंड के डायरेक्ट प्लान में निवेश करने के फायदा यह है कि आपको किसी ब्रोकर को कमीशन नहीं देना पड़ेगा।

जिन लोगो को शेयर बाजार के बारे में कम जानकारी होती है उनके लिए म्यूच्यूअल फंड सबसे अच्छा विकल्प है।


डेरीवेटिव 

शेयर जैसे वित्तीय साधनों (Financial Instrument) के मूल्य में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए, किसी भी शेयर के लिए एक विशेष कीमत तय करना मुश्किल है। यहां से एग्रीकल्चर इंस्ट्रूमेंट्स काम आते हैं।

ये ऐसे टूल हैं जो भविष्य में आपको आज की कीमत पर ट्रेड करने में मदद करते हैं। सीधे शब्दों में कहें, तो आप एक निश्चित मूल्य पर शेयर या अन्य इंस्ट्रूमेंट खरीदने या बेचने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट में प्रवेश करते हैं।

अभी तक आपने Share market knowledge in hindi में बाजार से जुड़ी चीजों के बारे में समझा है।


शेयर मार्केट में निवेश क्यों करें?

जब बात आती है लॉन्ग-टर्म में बेहतर रिटर्न के लिए तो कई सारे विकल्प सामने नजर आते हैं। लेकिन आपको सबसे अच्छा रिटर्न कहाँ मिलता है, वो ज्यादा मायने रखता है।  

इसलिए, शेयर बाजार सबसे बेहतर विकल्प बन कर आता है। 

कुछ निवेशक लॉन्ग-टर्म में मुनाफा कमाने के लिए शेयर में निवेश करते हैं। जबकि कुछ लोग शेयर को एक जोखिम भरा निवेश मानते हैं। 

कई स्टडीज से पता चला है कि, अगर एक निवेशक लॉन्ग-टर्म (5 से 10 साल) के लिए सही शेयर में अपना पैसा लगाता है, तो वह फ्यूचर में किसी भी तरह की महँगाई से निपटने के लिए अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकता है। 

साथ ही साथ यह रियल एस्टेट और गोल्ड में इन्वेस्टमेंट करने से भी बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है।

शेयर मार्केट में लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ शॉर्ट-टर्म स्ट्रेटेजी भी होती है। शॉर्ट-टर्म में शेयर कुछ समय के लिए अस्थिर/वोलेटाइल हो सकते हैं, लेकिन सही शेयरों में निवेश करने से ट्रेडर्स को जल्दी प्रॉफिट मिल सकता है। 

अभी तक आपने जाना है कि शेयर बाजार में ही निवेश करें और इसमें Share Market Knowledge in Hindi का होना कितना इम्पोर्टेन्ट है। यहाँ आगे हम शेयर मार्केट को मॉनिटर करने वाले संस्था के बारे में जानेंगे।


सेबी क्या कार्य करता है? 

शेयर बाजार में निवेश  करना जोखिम भरा है। इसलिए, निवेशकों की हितों को रक्षा करने के लिए उन्हें विनियमित करने की आवश्यकता है।

भारतीय सुरक्षा और विनिमय बोर्ड (SEBI) को 1988 से भारत में सेकेंडरी और प्राइमरी मार्केट की देखरेख करने के लिए स्थापित किया है, जब भारत सरकार ने इसे शेयर बाजारों के नियामक निकाय के रूप में स्थापित किया।

कुछ ही समय के अंदर, सेबी एक्ट 1992 के तहत सेबी एक स्वायत्त निकाय बन गया।

सेबी के पास बाजार के विकास और नियमन दोनों की जिम्मेदारी है। सेबी की स्थापना का मूल उद्देस्य यह सुनिश्चित रहा है कि निवेशकों को सिक्योरिटीज में सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से लाभ हो।

इसके मूल उद्देश्य हैं:

  • शेयरों में निवेशकों के हितों की रक्षा
  • शेयर बाजार के विकास को बढ़ावा देना
  • शेयर बाजार का विनियमन

निष्कर्ष

अभी तक आपने Share Market Knowledge in Hindi में सभी बुनियादी और जरुरी बातों के बारे में जाना है। जहाँ हमने शेयर मार्केट के इतिहास सहित निवेश करने के माध्यम इत्यादि के बारे में बात की है।

एक स्मार्ट निवेशक शेयर बाजार में निवेश करने के लिए हमेशा रिसर्च और रणनीति के साथ प्रवेश करता है। इसके लिए वह Share Market Analysis in Hindi के बारे में भी सीखता है।

इसलिए जब भी आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो इन बातों को हमेशा ध्यान में रखें।


शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के लिए निम्नलिखित फॉर्म में अपना विवरण दर्ज करें।

अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें और आपको शीघ्र ही एक कॉलबैक प्राप्त होगा।

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