सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स

अन्य स्टॉक ब्रोकर्स के ब्रोकरेज शुल्क

यदि आप शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं तो आपको शेयर मार्केट में आपकी ट्रेडिंग पर लगने वाले विभिन्न शुल्क और टैक्स के बारे में पता होना चाहिए। इन सभी टैक्स में से एक सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स (Security Transaction Tax (STT) in Hindi) है।

शेयर मार्केट में कई तरह के शुल्क लगाए जाते हैं तो इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि आपको Share Market Meaning in Hindi की पूरी जानकारी हो।

STT  मतलब प्रतिभूति लेनदेन कर (Tax) होता है, जो केंद्र सरकार को इन्वेस्टर और ट्रेडर्स द्वारा दिया जाने वाला टैक्स है। इसलिए इसे रेगुलेटरी चार्ज के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

एसटीटी को 2004-05 में पेश किया गया था।

एसटीटी (STT) ने भारत में कैपिटल मार्केट में और निवेशकों के लिए निवेश और ट्रेड पर टैक्सेशन को आसान बनाने में मदद की है। इससे टैक्स सिस्टम में सहूलियत मिली है। 

यह ध्यान रखना जरुरी है कि जिस समय आपके द्वारा ट्रांसेक्शन की जाती है, तो उस समय ब्रोकर द्वारा (STT) एसटीटी लिया जाएगा। 

एसटीटी को ट्रांसेक्शन की वैल्यू पर लगाया जाता है और ट्रेडर्स/इन्वेस्टर को उनके ब्रोकर द्वारा जारी किए गए कॉन्ट्रैक्ट नोट पर लगाया जाता है।

चलिए, आगे बढ़ते हैं और सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स (STT Tax in Hindi) के बारे में और अधिक जानते हैं।


सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स कैसे चार्ज किया जाता है?

 कैश मार्केट के लिए (इक्विटी) सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स इस प्रकार है:

  • इंट्राडे ट्रेड पर एसटीटी: एसटीटी में सेलिंग साइड पर 0.025% के ट्रांजेक्शन चार्ज किया जाता है।

चलिए, इसे एक उदाहरण के साथ समझते हैं:

मान लीजिए, एक ट्रेडर रोजाना 9:30 बजे एचडीएफसी के 100 शेयर प्रति 1000 शेयर पर खरीदता है।

वही ट्रेडर इन शेयर को दोपहर 3:15 बजे 1005 प्रति शेयर पर बेच देता है।

अब, यहाँ सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स 25.13 होगा।

इसकी गणना निम्न तरीके से की गयी है:

STT = 1005 * 100 * 0.025% = ₹25.13

  • एसटीटी ऑन डिलीवरी और बीटीएसटी ट्रेड: एसटीटी को बाय और सेल दोनों ऑर्डर के ट्रांजेक्शन वैल्यू पर लगाया जाता है। 

यदि आपको बीटीएसटी ट्रेड के बारे में नहीं पता तो BTST Trade in Hindi को जानिए। 

चलिए, इसे एक उदाहरण के साथ समझते हैं:

ट्रेडर एचडीएफसी (HDFC) के 100 शेयर 1 अप्रैल 2016 को 1000 रुपये में खरीदता है और 3 अप्रैल 2016 को 1010 में ही उसे बेचता है।

एसटीटी (STT) बाय साइड ₹100 है, जिसे 1000 * 100 * 0.1% = ₹100 और 101 पर 0.1% के हिसाब से कैलकुलेट किया जाएगा।

सेल साइड पर, पर ₹1010 * 100 * 0.1% = ₹101 पर, कुल एसटीटी (STT) के 0.1% के हिसाब से कैलकुलेट किया जाएगा।

सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि, एसटीटी को ट्रांजेक्शन पर भुगतान किया जाता है।

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स के मामले में, 15% का टैक्स लागू होता है और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के मामले में, टैक्स की दर 0% होती है, यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स को उन ट्रांजेक्शन के लिए टैक्स से छूट मिलती है, जहाँ STT का भुगतान किया जाता है।

फ्यूचर और ऑप्शन मार्केट ट्रांजेक्शन के लिए:

  • फ्यूचर ट्रांजेक्शन पर एसटीटी: एसटीटी को सेल की ट्रांसजेक्शन के समय पर वसूला जाएगा, चाहे वह इंट्राडे ट्रेड हो या पोजीशनल ट्रेड हो। करंट रेट 0.01% है।

आइए, एक उदाहरण से समझते हैं।

ट्रेडर 1 अगस्त को 8600 पर 1 लॉट निफ़्टी (NIFTY) बेचता है।

उसकी कुल वॉल्यूम ₹8600 * 75 = ₹6,45,000 है।

उसी पर उसे 64.50 एसटीटी का भुगतान करना होगा, जो 6,45,000 पर 0.01% के रूप मे कैलकुलेट की जाएगी।

अब इस बात की परवाह किए बिना कि वह 1 अगस्त 2016 को अपनी पोजीशन को समाप्त करता है या समाप्त होने तक इसे जारी रखता है, उसे ट्रांजेक्शन के खरीद के चरण पर किसी भी एसटीटी का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • ऑप्शन ट्रेड पर एसटीटी 

ऑन सेलिंग ऑप्शन: फ्यूचर के समान, एसटीटी केवल सेल साइड पर प्रीमियम वैल्यू ट्रांजेक्शन पर भुगतान किया जाता है। चलिए इसे एक उदाहरण के साथ समझते हैं:

ट्रेडर ने निफ़्टी (NIFTY) पर स्ट्राइक प्राइस ₹8600 पर 1 लॉट को 200 में बेचा। इसलिए चार्ज किया गया एसटीटी चार्ज 7.50 होगा जिसे ₹75 (निफ़्टी का लॉट साइज) * ₹200*0.05% के रूप में कैलकुलेट किया जाएगा। 

आप हमारे ब्रोकरेज कैलकुलेटर पर अपने ट्रेड के लिए दूसरों के बीच ब्रोकरेज, एसटीटी सहित सभी ट्रांजेक्शन चार्ज की कैलकुलेशन कर सकते हैं।

भारतीय शेयर मार्केट में ट्रेड करते समय लागू सभी शुल्कों के बारे में अधिक जानने के लिए शुल्क सूची देखें।

जिस तरह सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स, सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग के लिए लागू होता है, उसी तरह सीटीटी या कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स नॉन-एग्री कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग के लिए लागू होता है।


यदि आप शेयर मार्केट में निवेश शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले डीमैट अकाउंट खोलें।

डीमैट खाता खोलने के लिए नीचे दिए गए फॉर्म को देखें:

यहाँ अपना बुनियादी विवरण भरें और उसके बाद आपके लिए कॉलबैक की व्यवस्था की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sixteen + six =