IPO Terms in Hindi

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अगर आप आईपीओ में निवेश करने जाते है तो कई सारे नए आईपीओ टर्म (IPO Terms in Hindi) सुनने को मिलते है। अगर आप एक नए निवेशक है तो आपको इन टर्म्स को समझने में परेशानी आ सकती है।

एक नए ट्रेडर या निवेशक के लिए शुरुआत में आईपीओ की प्रक्रिया को समझना आसान नहीं लगता है। लेकिन, यह केवल आईपीओ में कई सारे तकनीकी शब्दों के कारण है।

यह भी पढ़ें: यदि आप MTAR आईपीओ में अप्लाई करने का सोच रहे हैं तो यहाँ MTAR आईपीओ डेट के बारे में जानकारी प्राप्त करें। 

आईपीओ की कुछ महत्वपूर्ण टर्म्स के बारे में जानने के बाद यह समझना काफी आसान हो जाता है। यह आईपीओ शब्दावली (Glossary) आपको इन टर्म्स को समझने और आईपीओ का लाभ उठाने में मदद करेगी।

अगर आप भी आईपीओ में निवेश करने की योजना रहे है तो Bectors Food IPO in Hindi निवेश करने का अवसर प्रदान कर रहा है।

निम्नलिखित आईपीओ के कुछ महत्वपूर्ण शब्दावली दिए गए है, जो आईपीओ में निवेश करते हुए इस्तेमाल आते हैं:

  1. स्टॉक एक्सचेंज: स्टॉक एक्सचेंज एक प्लेटफॉर्म है जहां ट्रेडर और इन्वेस्टर अलग-अलग सेग्मेंट्स के शेयर को खरीदते और बेचते हैं।
    1. अगर आईपीओ के संदर्भ में देखे तो एक्सचेंज में शेयर को लिस्टेड करने का प्रस्ताव दिया जाता है।
    2. जबकि प्रमुख आईपीओ बीएसई और एनएसई पर लिस्टेड होते हैं। स्मॉल मीडियम स्केल एंटरप्राइज (SME) IPOs एनएसई EMERGE या बीएसई SME प्लेटफॉर्म पर संबंधित एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हैं।
  2. IPO ओपन डेट / इश्यू क्लोज डेट: IPO ओपन डेट और इश्यू क्लोज़ डेट बिड, आईपीओ प्रक्रिया की खुलने और बंद होने की तारीख़ होती है। इस अवधि के दौरान ट्रेडर या निवेशक आईपीओ में अप्लाई कर सकते हैं।
  3. लॉट साइज: किसी निवेशक द्वारा आईपीओ में शेयरों की न्यूनतम गणना के लिए अप्लाई किया जा सकता है। 400 के एक लॉट साइज का मतलब है कि एक निवेशक को कम से कम 400 शेयरों के लिए बोली / बिड लगाने की आवश्यकता है।
  4. इश्यू प्राइस: प्रति इक्विटी शेयर की कीमत। आईपीओ के 2 प्रकार हैं- बुक बिल्डिंग और फिक्स्ड प्राइस आईपीओ।
    1. बुक बिल्डिंग आईपीओ की प्राइस रेंज मान लीजिये 120-125 रुपये होगी और निवेशकों को उसी प्राइस रेंज / मूल्य सीमा के अंदर बोली लगाने की आवश्यकता होगी।
    2. फिक्स्ड प्राइस इश्यू पर बोली लगाने के लिए एक विशेष प्राइस होता है।
  5. इश्यू साइज: आईपीओ का कुल मौद्रिक मूल्य (मॉनेटरी वैल्यू)। यह कंपनी द्वारा प्रति शेयर इश्यू प्राइस के साथ पेश किए गए शेयरों की संख्या को गुणा करके आता है।
  6. अलॉटी (Allottee): आवंटी वह व्यक्ति होता है जिसे आवंटन किया जाता है।
  7. एंकर इन्वेस्टर: एक क्वालिफाइड इंस्टीटूशनल इन्वेस्टर (QIB), एंकर इन्वेस्टर के तहत आईपीओ में आवेदन करता है और जिसने कम से कम 10 करोड़ की राशि के लिए बोली लगाई है।
  8. एंकर इन्वेस्टर बिड / ऑफर पीरियड: बोली / प्रस्ताव खोलने की तारीख से एक दिन पहले का वर्किंग पीरियड (कार्य दिवस)
  9. एंकर इन्वेस्टर पोरशन:  QIB के 60% हिस्सा तक।
  10. ASBA / आस्बा: ASBA (ब्लॉक की गई राशि द्वारा समर्थित एप्लिकेशन) बैंक खाते में अपने फंड को ब्लॉक करके आईपीओ में आवेदन करने का एक तरीका है।
  11. ASBA आईपीओ एप्लीकेशन: ब्लॉक की गई राशि (एएसबीए) सुविधा द्वारा समर्थित आईपीओ एप्लिकेशन निवेशकों को बैंक द्वारा दी गई नेट-बैंकिंग सुविधा के माध्यम से आईपीओ में आवेदन करने की अनुमति देता है।
  12. बिड / ऑफर क्लोजिंग डेट: ये आईपीओ इश्यू पर जनता के लिए बोली लगाने का अंतिम दिन होता है।
  13. बिड / ऑफर क्लोजिंग डेट: यह पहला दिन होता है जब जनता आईपीओ इश्यू के लिए अपना बिड सबमिट करते हैं।
  14. बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM): लीड मैनेजर एक वित्तीय संस्थान है जो आईपीओ प्रक्रिया में लीड कोऑर्डिनेटर के रूप में काम करता है।
  15. ब्रोकरेज शुल्क: ब्रोकरेज शुल्क वह शुल्क होता है जो किसी ब्रोकर द्वारा लेनदेन को पूरा करने के लिए लिया जाता है।
  16. फ्लोर प्राइस: प्राइस बैंड की सबसे कम कीमत को फ्लोर प्राइस कहा जाता है।
  17. आवंटन का आईपीओ आधार: आवंटन का आधार एक दस्तावेज है जिसमें मूल बातें हैं, जिन पर सफल बोलीकर्ताओं को इक्विटी शेयर आवंटित किए जाते हैं।
  18. आईपीओ बिड: बिड उस मूल्य का दर्शाती करती है जिस पर कोई व्यक्ति आईपीओ में शेयर खरीदने के लिए तैयार है।
  19. आईपीओ बिड लॉट: एक आईपीओ बिड-लॉट उन शेयरों की संख्या है जिन्हें एक निवेशक के लिए लागू किया जाना है।
  20. आईपीओ कट-ऑफ मूल्य: IPO कट-ऑफ प्राइस IPO शेयरों की मांग के आधार पर कंपनी द्वारा तय शेयर मूल्य है।
  21. आईपीओ ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस: ड्राफ्ट (मसौदा) प्रॉस्पेक्टस एक पहला कानूनी दस्तावेज है जो एक कंपनी सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) के साथ आगे बढ़ने से पहले सेबी को फाइल करती है।
  22. आईपीओ लिस्टिंग की तारीख: वह तारीख, जिस दिन ट्रेड के लिए नामित स्टॉक एक्सचेंज में आधिकारिक तौर पर क्वोट किया जाता है।
  23. आईपीओ लॉट साइज: लॉट साइज का तात्पर्य है कि निवेशक एक लेनदेन में कुल कितने शेयर खरीद सकता है।
  24. आईपीओ प्रस्ताव दस्तावेज़: IPO ऑफ़र दस्तावेज़ में जारीकर्ता कंपनी और IPO के बारे में सभी उचित जानकारी होती है।
  25. आईपीओ ऑफर प्राइस: आईपीओ की अंतिम कीमत जिस पर एक कंपनी निवेशकों को अपने शेयर बेचती है।
  26. आईपीओ ओवरस्क्रिप्शन: जब आईपीओ की सदस्यता प्रक्रिया में मांग/डिमांड से अधिक आपूर्ति/सप्लाई होती है, तो इसे ओवरस्क्रिप्शन कहा जाता है
  27. आईपीओ प्राइस बैंड: बुक बिल्डिंग आईपीओ का प्राइस बैंड वह मूल्य सीमा है जिसमें निवेशक बोली लगा सकते हैं।
  28. आईपीओ रिवीजन / संशोधन फॉर्म: रिवीजन फॉर्म वह फॉर्म है जिसका उपयोग आईपीओ प्रक्रिया में इक्विटी शेयरों की राशि या मात्रा को संशोधित करने के लिए किया जाता है।
  29. आईपीओ अंडरराइटर: IPO अंडरराइटर्स निवेश बैंकों के प्रतिनिधियों के समूह हैं।
  30. आईपीओ कार्य दिवस: दूसरे और चौथे शनिवार, रविवार या सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर सभी दिन कार्य दिवस होता है।
  31. नॉन-इंस्टीटूशनल बिडर इन्वेस्टर (NII): एक निवेशक जो ₹2लाख रुपये से अधिक के मूल्य के लिए बोली लगा सकता है
  32. नॉन-इंस्टीटूशनल बिडर/NIB: व्यक्तिगत निवेशक, एनआरआई, कंपनियां, ट्रस्ट आदि जिन्होंने 2 लाख रुपये से अधिक की बोली लगाई हो, उन्हें गैर-संस्थागत बिडर के रूप में जाना जाता है।
  33. QIB / QIB Bidders / योग्य संस्थागत खरीदार: वित्तीय संस्थान, बैंक, एफआईआई और म्यूचुअल फंड जो आमतौर पर बहुत अधिक मात्रा में अप्लाई करते होते हैं, उन्हें QIB Bidders कहा जाता है
  34. रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी): रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस सेबी द्वारा स्वीकृत आईपीओ प्रोस्पेक्टस दस्तावेज है।
  35. रीटेल इंडिविजुअल बिडर / RIBs: एक निवेशक जो ₹2लाख रुपये से अधिक के मूल्य के लिए बोली नहीं लगा सकता है।
  36. स्व प्रमाणित सिंडीकेट बैंक या SCSB: SCSB एक बैंक है जो ASBA प्रक्रिया के माध्यम से IPO में आवेदन करने की सुविधा प्रदान करता है।

उपरोक्त कुछ महत्वपूर्ण आईपीओ टर्म(IPO Terms in Hindi) बताये गए है। एक निवेशक को उपरोक्त सभी टर्म को याद रखना चाहिए, ताकि निवेश करने के दौरान किसी भी प्रकार की संशय ना हो।

कई निवेशक या ट्रेडर गलत जानकारी या जानकारी के अभाव में गलतियां कर जाते है जिससे उनको बाद में नुकसान उठाना पड़ता है।


यदि आप भी IPO में निवेश चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:

आप नीचे प्रदर्शित फार्म में भरकर भी शुरुआत कर सकते हैं और आपको शीघ्र ही एक कॉलबैक प्राप्त होगी।


आईपीओ के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे टेबल पर जाएं।

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